करनाल। बैंक की गलती से 2020 में धान खरीद का 7.52 लाख रुपये का भुगतान किसान के बजाय नूंह जिले के एक अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गया। बैंक ने इसमें से 6.41 लाख रुपये तो वापस कर लिए लेकिन 110428.32 रुपये खाते में फंस गए जो उस खाताधारक ने लाख प्रयासों के बाद भी नहीं दिए। हैफेड जिला प्रबंधक की शिकायत पर तरावड़ी पुलिस ने उक्त खाताधारक के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला प्रबंधक हैफेड ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में कहा कि खरीफ वर्ष 2020 के दौरान हैफेड ने तरावड़ी मंडी में किसान किशन चंद निवासी गांव सधेल जिला नूंह का 1076 कट्टा धान तरावड़ी मंडी के आढ़ती फर्म एबी एग्रो आढ़ती के माध्यम से खरीदा था। जिसका कुल भुगतान 752028.32 रुपये किशन चंद के खाते में करना था लेकिन भुगतान उसके खाते के बजाय नूंह जिले के ही गांव देवला नगंली निवासी मोहम्मद इकबाल के खाते में ट्रांसफर हो गया। संज्ञान में आया तो बैंक ने उसके खाते से 641600 रुपये वापस अपने खाते में ले लिए लेकिन 110428.32 रुपये वापस नहीं किए जा सके। रुपये वापस करने के लिए मोहम्मद इकबाल 04 जनवरी को नोटिस दिया गया। इधर किशन चंद ने जिला कार्यालय हैफेड को सूचना देकर अपने रुपये मांगे। हैफेड ने मोहम्मद इकबाल से रिकवरी करने की जिम्मेदारी हैफेड जिला प्रबंधक गुरुग्राम को सौंपी लेकिन मोहम्मद इकबाल ने रुपये वापस नहीं किए तो हैफेड प्रबंधक गुरुग्राम ने मुख्यालय को रिकवरी नहीं होने की रिपोर्ट दी। अब मुख्यालय के आदेश पर जिला प्रबंधक करनाल ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। तरावड़ी पुलिस ने मोहम्मद इकबाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।