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बारिश से जलभराव, दुश्वारियां बढ़ीं

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64: कमेटी चौक पर हुआ जलभराब।
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करनाल। मानसून की बारिश से शनिवार को शहर में कई जगह जलभराव के हालात बन गए। दिन का आगाज बारिश से हुआ। दोपहर बाद फिर झमाझम बारिश से सड़कें व पार्किंग स्थल पानी से लबालब हो गए। वहीं धान के खेतों में पानी भर गया है। जिन खेतों में धान पक चुका है और कटाई की तैयारी चल रही थी, वहां काम रुक गया।
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बारिश से शहर में कुंजपुरा रोड, कमेटी चौक, रेलवे रोड, नमस्ते चौक, अस्पताल रोड, मॉल रोड, सदर बाजार, अंबेडकर चौक के साथ साथ शिव कालोनी, हांसी रोड, बसंत विहार, रजवाहा रोड और नेशनल हाईवे के किनारे भी संपर्क मार्ग पर जगह जगह जलभराव हो गया। जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। घरौंडा में बारिश का कहीं असर ज्यादा दिखाई दिया तो कहीं पर बादल निकल गए। नई अनाज मंडी के पास जमकर बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी भर गया। मार्केट कमेटी कार्यालय और अटल कैंटीन का क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। जलभराव होने से लोग परेशान हो गए।
उधर, मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि कई दिन तक बारिश की संभावना है। दूसरी ओर यदि ऐसा होता है तो पके धान में नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को हुई बारिश से धान की फसल का नुकसान होने के आशंका है, क्योंकि धान की फसल पकने लग गई है। यदि बारिश होती रही, तो धान में कीड़ा लग सकता है। जिससे बीमारी भी फैल सकती है। धान की पकती फसल के लिए मौसम साफ होने जरूरी है।
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दूसरी ओर केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 32.0 व न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके चलते गर्मी से राहत बनी रही। नमी सुबह शत प्रतिशत व दोपहर को 76 प्रतिशत रही। वाष्प दाब 26.3 एमएम तथा हवा की औसत गति 0.7 किलोमीटर प्रति घंटा रही। दोपहर दो बजे तक 14.0 एमएम वर्षा दर्ज की गई। संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डा. डीएस बुंदेला के अनुसार सितंबर में अब तक 32.7 एमएम वर्षा हुई है। इस वर्ष कुल 1040.6 एमएम वर्षा हुई है।
कम दबाव का क्षेत्र बनने से हुई अच्छी बारिश
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र स्थित कृषि मौसम सेवा इकाई के अनुसार करनाल जिले में कम दबाव का क्षेत्र बनने व वातावरण में नमी की अधिकता की वजह से हवाओं की गति इस ओर मुड़ी। जिससे अच्छी वर्षा हुई है। आगे भी वर्षा होने की संभावना है। ताजा स्थितियों के अलावा वर्षा के छोटे-छोटे दौर कई दिन तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में धान की कटाई को लेकर किसानों को बदलते मौसम का ध्यान रखना होगा।
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