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विवेकानंद पार्क बदहाल

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काछवा रोड पर छह साल पहले लाखों रुपये की लागत से तैयार हुआ विवेकानंद पार्क बदहाल है। यहां बच्चों के लिए चार झूले हैं, जिसमें एक कबाड़ हो चुका है और बाकियों की नींव हिल चुकी है, जिसे मरम्मत की दरकार है। एक्सरसाइज के लिए ओपन जिम की भी सुविधा है, लेकिन आधी से अधिक मशीनें जवाब दे चुकी हैं। यही नहीं पार्क में दिखावे के लिए वाई-फाई सुविधा भी है पर हवा-हवाई है। सुरक्षा के इंतजाम न होने से दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। वहीं जिम्मेदार विभाग बेपरवाह है।
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विवेकानंद पार्क में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में बच्चे और अभिभावक पहुंचते हैं। यहां मार्निंग वॉक और एक्सरसाइज के लिए ओपन जिम सहित अन्य तमाम सुविधाएं हैं, जो पार्क में होनी चाहिए, लेकिन देखरेख और रखरखाव के अभाव में बदहाल है। पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए एक फाउंटेन भी है जो एक साल से बंद पड़ा है। इसके अलावा पार्क में वाई फाई सुविधा भी एक साल से ठप है। पार्क में बने दो शौचालयों में से एक ही प्रयोग में है। पानी की निकासी के लिए बने नालों के ढक्कन भी टूटे हुए हैं। इसमें बच्चे कई बार खेलते समय चोटिल भी हो चुके हैं। यही नहीं पार्क में खुली तारों से हादसों का खतरा बना रहता है पर कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। अव्यवस्था और असुरक्षा के कारण यहां शाम के समय शरारती तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। समस्याओं के संबंध में क्षेत्रवासियों का कहना है कि पार्क की मरम्मत के लिए एक माह पहले निगम जेई को पत्र लिखा गया था जिसपर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
नगर निगम के अंतर्गत शहर के कुल 185 पार्क आते हैं, जिसमें से 150 पार्क में झूले लगे हैं। प्रशासन की ओर से अगले सप्ताह पार्कों की मरम्मत के लिए टेंडर पास किया जाएगा और 20 फरवरी तक इसकी मरम्मत करा दी जाएगी।
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नरेश त्यागी, कार्यकारी अभियंता
सुविधाएं
1. बैठने के लिए 55 चेयर की सुविधा
2. ओपन जिम में लगी हैं 22 मशीनें
3. पार्क सौंदर्यीकरण के लिए फाउंटेन
4. बच्चों के लिए लगाए गये हैं 04 झूले
5. युवाओं के लिए वाई-फाई की व्यवस्था
समस्याएं
1. आधी से अधिक जिम की मशीनें खराब
2. एक झूला कबाड़, तीन को मरम्मत की दरकार
3. एक साल से बंद पड़ा है पार्क का फौव्वारा
4. वाई-फाई सुविधा लगी पर नहीं मिल रहा लाभ
5. सुरक्षा के लिए न सीसीटीवी और न जवान
-- कई छोटे-छोटे बच्चे पार्क में आते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए पार्क में कैमरे की सुरक्षा जरूरी है। अगर पार्क में कैमरे होंगे तो हम अपने आप को सुरक्षित महसुस कर सकेंगे। और एक बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बच सकेंगे।
- अन्नू, राम नगर
-- पार्क में वाईफाई केवल दिखावे के लिए है। हम एक साल से देख रहे हैं कि वो वंद पड़ा है। अगर वाईफाई लगा है तो उसकी सुविधा भी होनी चाहिए।
- दिव्यानी
-- पार्क में घूमने और एक्सरसाइज करने के लिए आते हैं। लेकिन कोई भी मशीन सही से नहीं चलती। इसलिए हमें मशीनों का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
- जसविंदर कौर
-- पार्क के विस्तार से पहले पार्क के दोनों तरफ खंबे थे। पार्क बनने के बाद भी खंबे नहीं हटाए गए। जो कि घूमते वक्त असुविधा का कारण बनते हैं।
जसपाल
-- पार्क में कई जगह पर खुली तारें पड़ी हैं। जो बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों के लिए भी नुकसानदेह है। जल्द ही इन्हें ठीक करवाया जाए ताकि एक बड़ी दुर्घटना होने से बच जाए।
सुरिंद्र कौर
-- पार्क में पांच बजे के बाद आना लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है। शाम को पार्क में शराबियों का अड्डा बन जाता है। इसलिए ऐसे लोगों को पार्क में आने से रोकने के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए।
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- लक्ष्मी, छात्रा
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