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किसानों को एकता का पाठ पढ़ा गये टिकैत

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किसानों को एकजुटता का पाठ पढ़ा गये टिकैत
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करनाल। भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत का जिले के गांव बल्ला, दुपेड़ी, झींडा व चोचड़ा तथा बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसानों ने स्वागत किया। वे कुरुक्षेत्र के गुमथला गढू में किसान महापंचायत में जा रहे थे। किसान अपने गांवों के बाहर पहले ही उनके इंतजार में खड़े रहे। टिकैत इस क्षेत्र से गुजरने से किसान आंदोलन की चर्चा तेज हो गई। वहीं, इंद्री कस्बे में हुई भाकियू की बैठक में 14 फरवरी को किसान महापंचायत करने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। जीटी रोड स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा व करनाल-जींद मार्ग स्थित प्यौंत टोल पर 41वें दिन किसानों के धरने व टोल फ्री आंदोलन जारी रहा। प्यौंत टोल पर किसानों ने निर्णय लिया कि यहां से प्रतिदिन एक वाहन दिल्ली आंदोलन में जाएगा। शाम को बसताड़ा टोल से गुजरते वक्त राकेश टिकैत धरनारत किसानों से मिले।
सभी प्रदेशों में होंगी किसान महापंचायतें
बल्ला। बल्ला गांव में राकेश टिकैत का किसानों ने स्वागत किया। टिकैत ने कहा कि सरकार बातचीत करना चाहती है तो किसान और कमेटी भी तैयार है। संयुक्त किसान मोर्चा सरकार से चर्चा करना चाहता है। बल्ला गांव को ऐतिहासिक गांव बताते हुए कहा कि जहां भी बल्ला करवट ले लेता है उसी दिशा में पासा पलट जाता है। यह आंदोलन नौजवानों के सहारे चल रहा है। किसानों से अपील है कि लगातार दिल्ली पर नजर बनाए रखें। जब तक कृषि कानून वापिस नहीं होंगे तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी। किसान महापंचायतों का आयोजन सभी प्रदेशों में चलाया जाएगा। देश में भूख पर व्यापार नहीं होगा। राकेश टिकैत को ईश्वर शर्मा व मास्टर सूरजमल ने पगड़ी पहना कर सम्मानित किया। दुपेड़ी बस स्टैंड पर भी टिकैत ने किसानों को संबोधित किया। इस मौके पर बलवान सिंह, राजबीर, राममेहर शर्मा, बिंद्र मान, बलवान, जगत सिंह मान, सतबीर मान, सुरेश मान, रघबीर, भूपेंद्र सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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दस दिन खेत में व पांच दिन आंदोलन में रहेंगे किसान
असंध। गांव झींडा में राकेश टिकैत ने कहा कि आजादी के लिए भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, महात्मा गांधी सहित अन्य महापुरुषों ने भी आंदोलन किया था। एमएसपी पर कानून बनेगा, तीन कृषि कानून वापस होंगे। इसके बाद ही किसान आंदोलन समाप्त करेंगे। गांव झींडा में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एडहॉक के पूर्व प्रधान जगदीश सिंह झींडा, रामपाल ललैन, रामपाल गोयल सहित सैकड़ों किसानों ने उनका स्वागत किया। टिकैत ने कहा किसान अब दस दिन खेत में व पांच दिन आंदोलन में लगाएगा। हमें शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखना है। इस दौरान प्रधान जोगिंद्र झींडा, जयपाल ललैन, मुखविंद्र सिंह व अन्य किसान मौजूद रहे।
प्यौंत टोल से रोजाना एक वाहन दिल्ली भेजेंगे किसान
निसिंग। करनाल-जींद स्टेट हाईवे स्थित प्यौंत टोल पर धरने पर डटे किसानों ने प्रतिदिन एक गाड़ी दिल्ली भेजने की तैयारी की है। विक्रमजीत सिंह प्यौंत ने कहा कि टोल पर लगातार किसानों की संख्या बढ़ रही है और किसान दिल्ली धरने में शामिल होने की तैयारियों में जुटे हैं। दो-तीन दिन बाद टोल से प्रतिदिन एक गाड़ी की व्यवस्था दिल्ली धरने पर जाने के लिए की जाएगी। जिससे किसानों को धरने पर पहुंचने में आसानी होगी और आंदोलन को भी मजबूती मिलेगी। संयुक्त किसान संगठनों के निर्देशानुसार आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। इस मौके पर इंद्रजीत, राणा, सोनू पक्का खेड़ा व अन्य मौजूद रहे।
किसानों का होमवर्क जांचने फिर आएंगे करनाल : टिकैत
घरौंडा/मधुबन। बसताड़ा टोल पर मंगलवार को जाट महासभा करनाल के पदाधिकारी भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें लाभ सिंह, रामकुमार चहल, सूरजमल लाठर, जोगिंद्र लाठर, चरण सिंह, रणदीप मान, जसमेर संधू व रोहतास दून शामिल रहे। भाकियू जिलाध्यक्ष अजय राणा मौके पर मौजूद रहे। शाम को भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता यहां पहुंचे और कहा कि दिल्ली में मंच व पंच एक ही रहेगा। सरकार ने जो सड़कों पर कील गाड़ी हैं उन्हें निकालकर आएंगे। पंजाब के किसान मजबूती से आंदोलन में लड़ाई लड़ रहे हैं। हरियाणा व पंजाब के किसानों ने लंगर की व्यवस्था की जिससे आंदोलन को बड़ी मजबूती मिली। यह बहुत बड़ी सेवा है। धरने मजबूत रखें और हताश ना हों। दिल्ली में उनके माध्यम से सभी किसानों के आंसु छलके थे। उन्होंने किसानों को भाईचारा मजबूत करने को कहा। यह भी कहा कि वह आंदोलन के बाद फिर इस इलाके में आएंगे और किसानों कृषि कार्यों को जांचेंगे। अपने कृषि उपकरणों को संभाल कर रखें और ट्रैक्टर की उचित देखभाल करें।
इंद्री। 14 फरवरी को इंद्री के बजाज पैलेस में होने वाली किसान-मजदूर महापंचायत को लेकर स्थानीय किसान विश्राम गृह में मंगलवार को किसानों की बैठक हुई। जिसमें कमेटी बनाकर महापंचायत की जिम्मेदारियां दी गई। किसान नेता रामपाल चहल ने कहा कि भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी महापंचायत में शिरकत करेंगे। लंगर कमेटी, यातायात कमेटी, मंच कमेटी आदि व्यवस्था बनाई गई है। किसान आंदोलन अब जन जागरण आंदोलन बन चुका है। इस मौके पर मनजीत सिंह, ओमपाल मंढ़ान, सुखविंद्र धूमसी, सतपाल बैरागी व ऋषिपाल कांबोज सहित अन्य किसान मौजूद रहे। चहल ने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को किसान महापंचायत के मंच पर स्थान नहीं मिलेगा। उन्हें किसानों के बीच नीचे बैठना पड़ेगा। यदि कोई राजनीतिक व्यक्ति महापंचायत के लिए कोई सराहनीय कार्य करेगा तो उसे सम्मानित जरूर किया जाएगा। जब तक सरकार बेकसूर किसानों को रिहा नहीं करेंगी तब तक सरकार से कोई बातचीत भी नहीं होगी।
करनाल। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव ललित बुटाना ने कहा कि किसानों की स्थिति चिंताजनक है। कांग्रेस इसे सहन नहीं करेगी। कांग्रेस पार्टी किसानों की लड़ाई सड़क से लेकर विधानसभा तक लड़ेगी। किसानों का बलिदान व्यर्थ नही जाने दिया जाएगा।
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तरावड़ी। कांग्रेस पार्टी के नीलोखेड़ी युवा हल्काध्यक्ष अमित बराना ने कई गांवों में दौरे कर किसान आंदोलन के समर्थन की अपील की। उनके साथ युवा कांग्रेस के कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्ष हरप्रीत चीमा, प्रदेश सचिव अमित गर्ग मौजूद रहे। इस मौके पर राजीव बुटाना, सुमित बुटाना व अन्य कार्यकर्ता साथ थे।
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