गांव उचानी में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए खोदे गए पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से शनिवार को दो मौसेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों ही भाई अपने मामा के घर आए थे। घटना की जानकारी एक बच्ची ने गांव जाकर परिजनों को दी फिर परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
गांव उचानी में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का निर्माण किया जाना है। भवन बनाने के लिए वहां से नमूने लिए गए थे। इसके लिए गहरे गड्ढे खोदे गए थे। जिनमें बारिश का पानी भर गया। गांव उचानी निवासी संजय ने बताया कि उसके दो भांजे जस्सी (9) निवासी सराफाबाद माजरा करनाल और कृष्णकांत (11) निवासी आगरा उसके घर आए थे।
दोनों अन्य बच्चों के साथ खेलते-खेलते महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के निर्माण स्थल की तरफ चले गए और वहां पानी से भरे गड्ढे में डूब गए। परिजनों ने बागवानी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वहां उन्होंने कोई सुरक्षा कर्मी नहीं लगाया था, न किसी ने उन बच्चों को गहरे गड्ढे के पास जाने से रोका।
जस्सी था घर का इकलौता चिराग
सत्य प्रकाश ने बताया कि वह अपनी पत्नी को दवा दिलाने गया था। उसकी पत्नी को सांस की बीमारी है। उसके पास उसके साले का फोन आया कि जस्सी को कुछ हो गया है। वह मोटरसाइकिल को तेज दौड़ाता हुआ आया, क्योंकि जस्सी उसका इकलौता बेटा था। जब वह गांव पहुंचा तो उसे पता चला कि वह गड्ढे में डूब गया है। उसने उस गड्ढे में डुबकी लगाई लेकिन तब तक बच्चा दम तोड़ चुका था। दोनों बच्चे काफी समय से अपने मामा के घर आए थे।
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय उचानी में गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है, इसमें परिजनों ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। - गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक करनाल।