संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा/मधुबन। एक साल से बसताड़ा टोल पर तेज गति से निकलने वाले वाहनों की रफ्तार पर सोमवार को ब्रेक लग गया। वाहन चालकों ने टोल पर रुककर टैक्स दिया। किसानों के आंदोलन के कारण बंद पड़े बसताड़ा टोल को सोमवार को किसानों ने ही पुष्पवर्षा के साथ फीता काटकर शुरू किया। टोल पर तकनीकी खराबी के कारण फास्ट टैग में दिक्कत रही। जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। कुछ वाहनों को फास्टैग से टैक्स कटने पर जाने दिया। लेकिन बाद में टैक्स की ट्रांजेक्शन रिजेक्ट हो गई। वहीं कई लोगों के फास्टैग में राशि न होना टैक्स कटने में समस्या बना। इससे जाम की स्थिति भी बनी।
रविवार को बसताड़ा टोल पर किसानों ने धरना समाप्त होने पर अपना सामान समेट लिया था। अब टोल प्लाजा के सभी बूथों पर कंप्यूटर सिस्टम ऑन कर दिए गए हैं और कर्मचारी तैनात हो चुके हैं।
भाकियू प्रदेश कोर कमेटी सदस्य जगदीप औलख, हैप्पी औलख, भाकियू आईटी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह मेहला, सुनील पुनिया व भारतीय किसान मजदूर नौजवान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजिंद्र आर्य सहित किसानों ने टोल कंपनी के अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखी। जिसमें स्थानीय ग्रामीणों को पहले की तरह आधार कार्ड दिखाकर निकलने की छूट, सिक्योरिटी गार्ड व बाउंसरों द्वारा लोगों के साथ गलत व्यवहार न करने और दिल्ली से आ रहे किसानों के लिए तीन दिन तक एक लाइन खाली रखने की मांग रखी।
पहले दिन दिखी अव्यवस्था, कहासुनी भी हुई
दोबारा टोल शुरू होने पर पहला दिन अव्यवस्थित रहा। सुबह के समय फास्टैग न चलने को लेकर व गलत लेन में एंट्री को लेकर कई वाहन चालकों व टोल कर्मियों की कहासुनी हुई। वाहन चालकों का कहना है कि टोल टैक्स की दरें बढ़ाना गलत है।
पास बनवाने के लिए लगी कतार
जैसे ही टोल टैक्स वसूली शुरू होने की वाहन चालकों को सूचना मिली वे मासिक पास बनवाने के लिए टोल पर पहुंच गए। वाहन चालकों की लंबी कतार लग गई। कई बार लोगों में लाइन में आगे बढ़ने को लेकर झड़प हुई। बार-बार तकरार होती रही।
सोमवार को किसानों ने ही फीता काटकर टोल का शुभारंभ किया है। टोल की सभी लाइन चल रही हैं। पहला दिन है कुछ समस्याएं हो सकती हैं लेकिन वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। टोल कलेक्शन कितना रहा, इसका अभी अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
- मुनीष शर्मा, टोल प्लाजा मैनेजर