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नीरज बवाना गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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असंध (करनाल)। असंध की सीआईए टीम ने सालवन के महाराणा प्रताप चौक के समीप नाकाबंदी कर नीरज बवाना गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार थे। उनके पास से दो पिस्तौल, दो मैगजीन व 66 कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी पानीपत से जींद की तरफ जा रहे थे। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर एक आरोपी का तीन दिन का रिमांड लिया है। दो को जेल भेज दिया है।
सीआईए असंध इंचार्ज रामफल ने बताया कि एएसआई सतीश कुमार की अध्यक्षता में टीम गांव सालवन में महाराणा प्रताप चौक टी-प्वॉइंट पर मौजूद थी तभी सूचना मिली कि एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में गोली गांव की तरफ से अरविंद, अमित और अमन कुमार हथियारों से लैस होकर आ रहे हैं। टीम ने नाकाबंदी कर दी। कुछ समय बाद एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी गोली गांव की तरफ से आई। उसे रुकवाकर उसमें बैठे लोगों से पूछताछ की तो एक ने अपना नाम अमित (नीरज बवाना के बड़े भाई पंकज का साला) निवासी नाहरी जिला सोनीपत, अरविंद्र वासी मॉडल टाउन पानीपत व अमन कुमार वासी गांव रामरा जिला जींद बताया।
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तलाशी लेने पर आरोपियों से दो पिस्तौल, दो मैगजीन व 66 कारतूस बरामद मिले। स्कॉर्पियो गाड़ी की जांच करने पर पता चला कि आरोपियों ने गाड़ी में बदलाव कर बुलेटप्रूफ बनवाया था। जिसे टीम ने कब्जे में ले लिया। आरोपी अरविंद को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। ताकि जहां से हथियार लेकर आए थे, उसे गिरफ्तार किया जा सके। अमन और अमित को जेल भेज दिया है। पुलिस टीम में राजू पहलवान, सुल्तान, भल्ले राम, सतीश, अशोक सहित अन्य शामिल थे।
अरविंद है नीरज बवाना गैंग का मुख्य सदस्य, एक नीरज के भाई का साला
असंध सीआईए टीम द्वारा पकड़ा गया आरोपी अरविंद और नीरज बवाना खास दोस्त हैं। दोनों ने सोनीपत से एक साथ पढ़ाई की है। तभी से अरविंद ज्यादा समय बवाना में ही रहता है। अब आरोपी नीरज बवाना और उसके भाई पंकज के जेल जाने के बाद उसके कोर्ट में वकीलों को फीस पहुंचाना, घर के अधिकतर कार्य अरविंद ही देखता था। जबकि अमित निवासी नाहरी नीरज बवाना के भाई पकंज का साला है। अब आरोपी अरविंद, अमन और अमित तीनों एक साथ रहते हैं। वहीं जान का खतरा होने के चलते भारी मात्रा में हथियार लेकर बुलेटप्रूफ गाड़ी में चलते हैं।
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अरविंद के खिलाफ पहले भी दर्ज है केस
आरोपी अरविंद के खिलाफ भी 2015 में स्पेशल सेल दिल्ली में एक मामला शस्त्र अधिनियम व 2019 में एक मामला प्लॉट पर कब्जे को लेकर थाना कंजावला दिल्ली में शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज है। आरोपी ने 2015 में एक आरोपी को बागपत में पुलिस से छुड़वाया था।
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