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Karnal News: इस बार कान्हा संग गोमाता का भी शृंगार

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- राम गली के कान्हा जी पार्लर पर पहुंच रहे श्रद्धालु, जन्माष्टमी पर्व के लिए खरीद रहे झूले व वस्त्र
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भगवान दास

करनाल। इस बार कान्हा के साथ-साथ भक्त गोमाता का भी शृंगार करा रहे हैं। 26 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा, इसको लेकर श्रद्धालुओं ने तैयारी कर ली है। जहां ठाकुर जी के लिए सुंदर झूले और वस्त्र खरीदे जा रहे हैं, वहीं मुकुट पर सजाने के लिए मोर पंख पसंद किये जा रहे हैं। शादी आदि विशेष अवसरों की तर्ज पर राम गली के कान्हा जी पार्लर पर आकर भक्त ठाकुर जी का शृंगार करा रहे हैं।
कान्हा जी का पार्लर चलाने वाले संजीव सोनी बताते हैं कि लगभग 20 दिनों से कान्हा जी का शृंगार करवाने के लिए श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। अभी भी जन्माष्टमी तक कान्हा जी के शृंगार के लिए वेटिंग चल रही है। संवाद
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गोमाता को मिलेगा सम्मान

संजीव सोनी बताते हैं कि कई सालों से श्रद्धालु ठाकुर जी का शृंगार करवा रहे थे लेकिन पहली बार श्रद्धालु उनके साथ गोमाता का भी शृंगार करवा रहे हैं। ये अच्छी बात है, जिससे गोमाता को सम्मान मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कई दिनों से ठाकुर जी हमारे पार्लर पर विराजमान है। ऐसे में उनको सुबह, दोपहर और शाम को भोग लगाया जाता है। कुछ श्रद्धालु अपने ठाकुर जी का भोग देकर जाते हैं, नही तो सभी ठाकुर जी को सेब, आम, अंगूर और अन्य फ्रूट के साथ ड्राई फ्रूट का भी भोग लगवाया जाता है। ठाकुर जी का शृंगार करवाने के लिए हरियाणा ही नही चंडीगढ़, पंजाब, यूपी, राजस्थान और मुंबई से भी श्रद्धालु आ रहे हैं।

हर वर्ष करवाते हैं शृंगार

मोहिद्दीनपुर निवासी कुलदीप और रेखा ने बताया कि वो गांव से आकर हर वर्ष ठाकुर जी का शृंगार करवाने आते हैं जिस तरह हम अपने समारोह में तैयार होते हैं तो श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर जी के जन्मदिन पर उनका शृंगार भी होना चाहिए। हमने पिछले सात दिन से ठाकुर जी को शृंगार के लिए दिया है, अब जाकर कान्हा जी तैयार हुए हैं। मुगला मोहल्ले के पूजा और गौरव ने बताया कि पिछले दो साल से वह इसी पार्लर में ठाकुर जी का शृंगार करवा रहे हैं।
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पीपल के पत्तों पर पेंटिंग
पार्लर संचालक संजीव सोनी पीपल के पत्तों पर भगवान जगन्नाथ और खाटू श्याम की सुंदर पेंटिंग बना रहे हैं। सबसे पहले पीपल के पत्तों को तोड़कर पानी में कई दिन भिगो कर रखा जाता है। उसके बाद केवल ढांचा रह जाता है, जिसको सुखाने के बाद सुंदर रंगों से पेंटिंग की जाती है, जिसे श्रद्धालु ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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