फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: मंडी में खरीद से पहले अव्यवस्थाओं का अंबार, न बारदाना पहुंचा न सफाई और लाइट के इंतजाम

विज्ञापन
नई अनाज मंडी के शैड के नीचे लगे गंदगी के ढ़ेर। संवाद
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। रबी सीजन 2026 के दौरान गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद के लिए इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। पांच दिन बाद शुरू होने वाली गेहूं खरीद और एक दिन बाद शुरू होने वाली सरसों खरीद तक की भी तैयारियां पूरी नहीं हैं। मंडी में न तो अब तक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और न ही बारदाने की सप्लाई पहुंची है। स्थिति यह है कि अब तक प्रशासनिक स्तर पर अफसरों की ड्यूटी तक निर्धारित नहीं की गई और खरीद एजेंसियां भी अभी तक मौके पर नहीं पहुंची हैं। 1 अप्रैल से गेहूं खरीद और 28 मार्च से सरसों खरीद की खरीद होगी।
ऐसे में मंडी प्रधान और आढ़तियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। यहां तक कि फसल तौल के लिए अबकी बार पर्याप्त मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक कांटे तक नहीं हैं। मंडी में चारों ओर गंदगी का आलम है। शेड के नीचे कचरे के ढेर लगे हैं, वहीं तिरपाल भी जगह-जगह फटे और अस्त-व्यस्त हैं। इससे साफ है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। दुकानों के आगे ही नहीं बल्कि पीछे के हिस्सों में भी लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय कामकाज में भारी दिक्कतें आती हैं।
विज्ञापन


मंडी के आढ़तियों का कहना है कि हर साल खरीद सीजन से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाती थीं लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार विधायक, मार्केट कमेटी सचिव और जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष समस्याएं रखी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। डीएफएससी कार्यालय से लेकर मार्केट कमेटी सचिव तक कोई भी अधिकारी खुलकर बयान देने को तैयार नहीं है। अधिकारियों की यह खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है।



किसानों के लिए नियम


- मंडी में फसल लेकर आने वाले सभी किसानों के वाहनों पर स्पष्ट तौर पर फ्रंट नंबर प्लेट लगी होनी चाहिए।
- सुबह छह से रात आठ बजे तक ही गेट पास बनेगा। इसी दौरान किसान फसल ला सकेगा। इसके लिए भी फोटो सत्यापन भी करवाना होगा।
- किसानों के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा। इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा।
- मंडियों और खरीद केंद्रों में किसान द्वारा गेहूं बिक्री के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन पर आवक गेट की रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ फोटो कैप्चर किया जाएगा।
- वाहनों के बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के आवक गेट पास जारी नहीं होगा। मंडियों से लेकर खरीद केंद्रों को जियो फैंस किया गया है।
- आवक गेट पास, बोली, आई-फार्म, इत्यादि मंडी, खरीद केंद्र स्थल पर ही जारी होंगे।
- आढ़तियों के लिए ऑनलाइन नीलामी के बाद समय पर जे-फॉर्म और आई-फॉर्म जनरेट करें और सभी ढेरियों का वजन केवल इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से ही किया जाएगा।
- मंडी से बाहर जाने वाली गाड़ियों की फिजिकल वेरिफिकेशन भी होगी। किसानों की सहायता के लिए प्रदेश स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 180 2060 जारी रहेगा।
- जिन पर किसानों को अनाज खरीद से संबंधित सभी सूचनाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा सभी मंडियों में एक शिकायत रजिस्टर भी सुनिश्चित किया जाएगा।


वर्जन-
अब तक मंडी में बारदाना तक नहीं पहुंच पाया है। जबकि हर साल पिछली खरीद का 90 प्रतिशत के हिसाब से बारदाना पहुंच जाना चाहिए था। मंडी में अब तक अफसरों की भी ड्यूटी फाइनल नहीं हुई है। हैफेड से लेकर खाद्य एवं आपूर्ति का कोई भी अधिकारी मंडी में नहीं पहुंचा है। अव्यवस्थाओं का माहौल बना हुआ है। इससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी आ सकती है।
विज्ञापन

- रजनीश चौधरी, चेयरमैन, हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन
वर्जन-
मंडी में पूरी तरह से अव्यवस्थाओं का माहौल है। सफाई नहीं है, लाइटें नहीं हैं। बारदाना तक नहीं मिला है। इसे लेकर विधायक और मंडी सचिव से बात हो चुकी है। उनको डिमांड रखी गई हैं। इनके अलावा जाम की सबसे बड़ी समस्या मंडी के चारों गेट न खुलने की रही है। इस बार चारों गेट खोलने की भी डिमांड सरकार और प्रशासन को दी है। उम्मीद है जल्द ही प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा।
- सुरेंद्र त्यागी, प्रधान, अनाज मंडी, करनाल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें