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पश्चिमी यमुना नहर की पटरी टूटने से हड़कंप

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67: गांव घोघड़ीपुर के पास पश्चिमी यमुना नहर की पटरी सप्लीमेंट्री नहर में टूट गई जिसके चलते आस पास क?
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मधुबन (करनाल)। गांव घोघड़ीपुर के पास बृहस्पतिवार दोपहर बाद अचानक पश्चिम यमुना नहर की पटरी (किनारा) टूट गया। देखते ही देखते करीब डेढ़ सौ फुट की पटरी पानी के तेज बहाव के साथ बह गई। गनीमत रही कि पश्चिमी यमुना नहर टूटने से निकला पानी इसके सप्लीमेंट्री चैनल यानी उप नहर में जाने लगा।
सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अफसरों में उस समय हड़कंप मच गया जब पानी के दबाव के कारण उपनहर के पटरी में भी दरारे दिखने लगीं। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। आनन फानन सिंचाई विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पहले उपनहर को बचाने के प्रयास शुरू कर दिए, क्योंकि उपनहर के टूटने से पानी गांवों व खेतों की ओर रुख कर सकता है। रात तक राहत कार्य जारी रहे। पुलिस भी लगातार स्थिति पर नजर रखे है। हथिनी कुंड बैराज से पानी का बहाव कम करा दिया गया है।
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पटरी टूटने से तेज बहाव के साथ पानी को लगती उपनहर में जाते देख ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि नहर की पटरी की पूरी तरह से मरम्मत नहीं हो पाई थी। जिस कारण पटरी टूट गई। सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता संजय राहड, एक्सईन राजेश चोपड़ा, थाना प्रभारी सज्जन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और बड़ी संख्या में मजदूरों को बुलाया। मिट्टी से कट्टे भरने का कार्य शुरू कर दिया। बल्लियां मंगवाई। सिंचाई विभाग अधिकारियों ने तत्काल इसकी सूचना हथिनी कुंड बैराज को दी है, जहां से पानी कम करा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जिस समय पश्चिमी यमुना नहर की पटरी टूटी, उस समय नहर में करीब 7000 क्यूसेक पानी बह रहा था। इंद्री हेड से फिलहाल अभी 2000 क्यूसेक पानी कम करा दिया गया है। अभी 5000 क्यूसेक पानी बह रहा है। इसे और कम कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पश्चिमी यमुना नहर की पटरी टूट गई है। जिसका पानी सप्लीमेंट्री चैनल (उप नहर) में जा रहा है। उपनहर को भी बचाने के सभी संभव उपाय किए जा रहे हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। शीघ्र पश्चिमी यमुना नहर की पटरी को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
- संजय राहड़, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग करनाल
हथिनी कुंड बैराज से पानी का बहाव कम करवा दिया है, ताकि पश्चिमी यमुना नहर के किनारों के साथ-साथ लिंक उपनहर के किनारों को भी टूटने से बचाया जा सके। कुछ दूर नहर के आगे लिंक नहर का पानी फिर पश्चिमी यमुना नहर में मिल जाता है। सबसे पहले लिंक उपनहर को बचाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
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- नवतेज सिंह, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग
उपनहर टूटी तो खेतों से होकर गांवों में पहुंचेगा पानी
मधुबन। पश्चिमी यमुना नहर की पटरी टूटने के बाद घोघड़ीपुर, नरूखेड़ी, पिंगली आदि गांवों में दहशत फैल गई। उपनहर को टूटने से बचाने के लिए मौके पर करीब सौ से अधिक मजदूर, पांच जेसीबी और सैकड़ों ग्रामीण अपने संसाधनों के साथ जुटे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले पटरी का थोड़ा सा हिस्सा टूटा था, लेकिन देखते ही देखते काफी तीव्रगति से करीब डेढ़ सौ फुट पटरी पानी के तेज बहाव के साथ बहती चली गई। उपनहर की क्षमता काफी कम है, इसमें अधिक पानी आ जाने के कारण अचानक दबाव बढ़ गया। जिससे उसकी पटरी भी दरकने लगी है। जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर दूसरी नहर की पटरी भी टूट गई तो आसपास की सैकड़ों एकड़ फसल में पानी घुस जाएगा। खेतों से पानी गांवों में पहुंच सकता है। जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान हो सकता है। जहां पटरी में दरार आई थी, वहां पर बल्लियां व कट्टे लगाने में जुटे थे। नहर विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभी पटरी पर बल्लियां व कट्टे लगाकर उसको मजबूत करने का कार्य जारी है। जब तक कार्य पूरा नहीं होता, तब तक कार्य चलता रहेगा। संवाद
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