संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय तक चले आंदोलन की समाप्ति के कुछ दिन बाद फिर मुद्दों को लेकर किसान लामबंद दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को सात जिलों भिवानी, जींद, हिसार, रोहतक, फतेहाबाद, सिरसा व करनाल के किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों से लघु सचिवालय के समक्ष एकत्रित हुए और धरना दिया। करीब 200 किलोमीटर तक दूर से किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों से आए। तिरपाल लगी ट्रालियां और उनमें खाद्य सामग्री, गद्दे, बिस्तर इत्यादि सामान को देखकर आभास हुआ कि किसान फिर आंदोलन के मूड में हैं। इस बार उनके हाथ में 13 सूत्रीय मांगपत्र है।
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में दक्षिण हरियाणा के जिलों के किसान सीएम सिटी में एकजुट हो रहे हैं। इस समिति ने कई दिन पहले ही करनाल से प्रदेशव्यापी संघर्ष का एलान किया था। सोमवार को फिर एलान किया कि मंगलवार दोपहर धरनास्थल पर करनाल से बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जगदीप औलख, आईटी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह मेहला, अन्य किसान संगठनों के पदाधिकारी राजेंद्र आर्य, गुरमुख सिंह के अलावा अखिल भारतीय किसान सभा के पदाधिकारियों ने भी धरनास्थल पर संबोधित किया। किसानों ने रात को करनाल में ही डेरा डाल लिया है। धार्मिक संस्थाओं की ओर से उनके लिए लंगर का बंदोबस्त किया गया है। मंगलवार फिर वे लघु सचिवालय के समक्ष धरने पर डटेंगे। आगामी आंदोलन की रणनीति क्या रहेगी इसका खुलासा मंगलवार को ही होगा।