नौकरी बहाली के लिए अनाजमंडी में दो दिन से भूखे प्यासे धरने बैठा कला अध्यापक रविवार को बेसुध हो गया। साथी की हालत खराब होने पर अन्य अध्यापकों ने तुरंत उसे पास खड़ी एंबुलेंस में पहुंचाया। अध्यापक की स्थिति को देखते हुए तुरंत जगाधरी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उनका उपचार चल रहा है।
कला अध्यापकों के प्रदर्शन को 45 दिन हो गए हैं। धरने में भिवानी से राजेश कुमार भी शामिल थे। इस मामले में 16 फरवरी को सरकार की ओर से हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया जाना चाहिए था। अब यह और लंबित हो गया। ऐसे में कला अध्यापकों ने भी अपना प्रदर्शन अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया। नौकरी को लेकर अध्यापक मानसिक तनाव में गुजर रहे हैं। इस दौरान भिवानी के राजेश कुमार ने दो दिन से कुछ खाया पीया नहीं, जिससे रविवार को उसकी हालत बिगड़ गई। धरना स्थल पर राजेश कुमार बेसुध हो गए।
वहीं कला अध्यापकों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। नेतृत्व प्रदेश प्रधान सचिन गर्ग ने किया। गर्ग ने कहा कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के मेरिट होल्डर नव चयनित 613 कला शिक्षक 45 दिन से धरना स्थल पर बैठे हैं। हर दिन कोई न कोई उनका साथी बीमार हो रहा है। परंतु उनकी दशा की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की एक ही मांग है कि सरकार वास्तविक तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट में हलफनामा दे। शिक्षा विभाग सरकार व न्यायालय को गुमराह कर रहा है। शिक्षा विभाग के रवैये से देशभर के डिप्लोमा होल्डर्स में भारी रोष है। डिप्लोमा धारकों ने आरोप लगाया कि उनके पदों पर निम्न योग्यता रखने वाले सर्टिफिकेट धारकों को नियुक्ति दी है जो सर्विस रूल 1998 विज्ञापन सूची के बिल्कुल विरुद्ध है। सरकार से आग्रह है कि उनके साथ न्याय किया जाए।