संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सरकारी स्कूलों में हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने 15 मई तक विशेष प्रवेश उत्सव अभियान शुरू किया है। अभियान के तीन चरण होंगे। प्रवेश उत्सव 23 मार्च से शुरू हो चुका है।
अभियान के पहले चरण में एक अप्रैल तक जागरूकता गतिविधियों को केंद्र में रखा गया है। गांवों और शहरी क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाकर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अभिभावक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से बच्चों के नामांकन, स्थानांतरण और पढ़ाई जारी रखने को लेकर संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।
दो अप्रैल से 20 अप्रैल तक अभियान के दूसरे चरण में नामांकन और स्कूल बदलने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। कक्षा पांचवीं और आठवीं के विद्यार्थियों का समय पर अगली कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। जिन स्कूलों में उच्च कक्षाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां के बच्चों को नजदीकी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। नए विद्यार्थियों के लिए बेसलाइन मूल्यांकन कर उनके स्तर के अनुसार पढ़ाई की व्यवस्था भी की जाएगी।
21 अप्रैल से 15 मई तक चलने वाले अंतिम चरण में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों में दैनिक उपस्थिति की निगरानी होगी और अनुपस्थित बच्चों के कारणों का पता लगाकर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ा जाएगा। कमजोर विद्यार्थियों के लिए रिमेडियल कक्षाएं चलाई जाएंगी और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के समायोजन पर भी फोकस रहेगा।
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