संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। हौसले बुलंद हों तो गरीबी भी मंजिल हासिल करने में रोड़ा नहीं बन सकती। यह साबित कर दिखाया है गांव जैनपुर साधान की रहने वाली 22 वर्षीय काजल ने। महिला मजदूर की बेटी काजल ने नेपाल में आयोजित हुई आठ सौ मीटर इंटरनेशनल दौड़ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया है।
नेपाल में 15 से 20 मई तक नेपाल के पोखरा में आयोजित हुई प्रतियोगिता में पांच देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था। काजल की इस सफलता से गांव व कस्बे में खुशी का माहौल है। नेपाल से पदक हासिल करने के बाद गांव लौटने पर काजल का इंद्री बस स्टैंड पर ग्रामीणों ने फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। इसके बाद ग्रामीणों ने शहर में रोड शो निकाला और ढोल नगाड़ों के साथ उसे गांव में लेकर गए। जिसके बाद ग्रामीण ढोल की थाप पर नाचे और खाने का सामान वितरित कर अपनी खुशी का इजहार किया। मौके पर पूर्व सरपंच सुरेंद्र कुमार, प्रवीण जावेद खान, शेखर चंद्र, मुनीष कुमार, राजेश कुमार, नत्थू राम, अशोक रंगा, तुषार और काफी संख्या में महिलाएं मौजूद रही।
ऑनलाइन ट्रेनिंग लेकर जीत चुकी कई मेडल
काजल ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह किसी एकेडमी में कोचिंग नहीं ले सकती थी। करीब एक वर्ष पूर्व फेसबुक पर उनकी मुलाकात डीबी एकेडमी के कोच दीपक से हुई तो उन्होंने उसे फोन पर ही मोटिवेट करने की बात कही। जिसके बाद काजल पिछले एक वर्ष से ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रही है। काजल ने बताया कि प्रशिक्षक से मिली ट्रेनिंग की बदौलत ही पानीपत में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उसने कांस्य पदक हासिल किया था। इसके बाद हरिद्वार में हुई नेशनल प्रतियोगिता में उसने स्वर्ण पदक हासिल किया था।
मां बोलीं- दिहाड़ी कर पढ़ाई है बेटी
काजल के गोल्ड मेडल हासिल करने पर उसकी मां मेवा देवी भावुक हो गईं। उसने बताया कि काजल की परवरिश करने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। काजल सरकारी विद्यालय में पढ़ती थी। परंतु दिहाड़ी कर उसे प्राइवेट स्कूल में पढ़ाया। अब काजल बीएससी अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। सरकार से मांग है कि काजल की सहायता की जाए ताकि वह आगे बढ़े और देश का नाम रोशन करे।