माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मंगलवार को घरौंडा क्षेत्र के कोहंड में संचालित डाई एवं ब्लीच हाउस को दोबारा सील कर दिया। करीब तीन साल पहले भी इस प्लांट को सील किया गया था। सील तोड़कर इसे चलाया जा रहा था। विभाग को शिकायत मिली तो अधिकारियों ने मौके पर जाकर कार्रवाई की। प्रबंधकों पर अब प्रतिदिन के हिसाब से दोगुना जुर्माना लगाया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान पहुंची टीम ने डाई और ब्लीच हाउस की सप्लाई की लाइनों को तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस डाइंग यूनिट में अंदर ही एक टैंक बनाया गया था। इसमें डाई और ब्लीच के केमिकल का पानी भरकर रखा जाता था। काम के बाद इस पानी को टैंकरों में भरकर बाहर ले जाते थे और कहीं भी खाली स्थान में खाली कर देते थे। डाई हाउस और ब्लीच यूनिट रेड कैटेगरी में आती है। जब ये यूनिट सील हुई थी तब से अब तक प्रतिदिन के हिसाब से इस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
ये भी मिलीं कमियां
अधिकारियों के अनुसार सील की गई इकाई में न तो ईटीपी यानी एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट सही तरीके से संचालित हो रहा था और न ही ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था थी। इससे आसपास के जलस्रोतों और वायु में प्रदूषण फैलने की आशंका बनी हुई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने इस कार्रवाई के साथ ही क्षेत्र के अन्य कई डाई एवं ब्लीच हाउसों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि वे निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करें अन्यथा उनके विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
-घरौंडा के कोहंड में जल प्रदूषण करने वाले डाई और ब्लीच हाउस को सील किया गया है। इससे पहले भी इस यूनिट को सील किया गया था। अब इस यूनिट पर दोगुना जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा अब हवा को दूषित करने वाली इकाइयों का भी सर्वे किया जा रहा है। जल्द ही इन पर भी कार्रवाई की जाएगी। -रणदीप सिंधू, एसडीओ, एचएसपीसीबी, करनाल
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एक्यूआई 216 : प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कार्रवाई होगी
जल प्रदूषित करने वाली यूनिट को सील करने के बाद अब हवा को दूषित करने वालों के खिलाफ भी प्रदूषण विभाग कार्रवाई करेगा। बुधवार को शहर का एक्यूआई 216 दर्ज किया गया। जो हवा के खराब होने को दर्शाता है। एचएसपीसीबी अधिाकरियों ने बताया कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप-2) लागू होने के बाद औद्योगिक इकाइयों, निर्माण स्थलों और धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने कहा कि प्रदूषण स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इस दौरान विभाग ने स्थानीय निकायों और उद्योग संचालकों से भी अपील की कि वे धूल नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण सुरक्षा मानकों का पालन करें।