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Karnal News: दो बार डायरिया की मार झेल चुका जिला, फिर भी नहीं सुधरे हालात

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जनकपुरी गली नबंर छह में सड़क पर जमा सिवरेज का पानी। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। दो बार डायरिया की मार झेल चुके शहरवासियों को स्वच्छ पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। पुराने शहर के हालात तो बेहद खराब हैं। जिसकी जिम्मेदार जर्जर पाइपलाइन है। सबसे ज्यादा समस्या पुराने शहर में सात द्वार के भीतर बसी कॉलोनियों और मोहल्ला वासियों के लिए है। इस समस्या का जब स्थायी समाधान नहीं हुआ तो लोगों को मजबूरी में अपने घरों में आरओ लगवाने पड़े।

इनके अलावा जनकपुरी, अर्जुन गेट और अशोक नगर पार्ट-2 में आज भी गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है, इसे पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। कई जगह तो पीने के पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया तक मिल चुका है। जिले में 19 जगहों के पानी के सैंपल तक फेल हो चुके हैं। बावजूद प्रशासन पीने के पानी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।
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निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पीने के पानी की समस्या से लेकर सीवरेज की समस्या के लिए 14420 हेल्पलाइन जारी किया है। इस पर आने वाली शिकायतों पर तुंरत कार्रवाई भी होती है। शहर के लोग इस नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। निगम में रोजाना पीने के पानी से लेकर सीवरेज की 10 से 15 शिकायतें आ जाती हैं। जिनका दो दिन से लेकर एक सप्ताह के भीतर समाधान करवा दिया जाता है। वहीं जहां पानी की किल्लत है वहां नए ट्यूबवेल लगवाए जा रहे हैं।

इन कॉलोनियों में मिले ये हाल-

जनकपुरी : दो माह से टूटी है पाइपलाइन



गली नंबर छह में वर्षों पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल पाइपलाइन बिछाई थी। जो अब करीब दो माह से टूटी हुई है। इसकी वजह से पीने का पानी पाइपलाइन से लीक होकर गली में भर जाता है। यहां से सीवर का पानी मिलकर वापस पाइपलाइन में मिल रहा है। यही पानी फिर घरों में सप्लाई हो रहा है जोकि पीने लायक नहीं है। इसके समाधान को लेकर यहां के लोगों ने पानी निथारने की मशीनें लगा रखी हैं।

अर्जुन गेट : पानी के साथ ही सीवर लाइन, दोनों टूटी

पुराने सात द्वारों में बसी इस कॉलोनी में करीब 40 साल पहले पानी की पाइपलाइन बिछाई थी। इसके साथ सीवर लाइन बिछी है। अब कई जगह से सीवर लाइन ब्लॉक होकर लीक हो रही है। इसके साथ पानी की लाइन भी जर्जर होकर टूट रही है। सीवर का गंदा पानी पीने की पाइपलाइन में मिक्स होकर लोगों के घरों में सप्लाई हो रहा है। जिससे यहां घरों में गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। ये समस्या करीब एक सप्ताह से बरकार है।



अशोक नगर पार्ट- 2 : दूसरी कॉलोनी से ला रहे पानी



इस कॉलोनी में प्रेशर कम होने की वजह से कम पानी आता है। जो आता है वह बदबूदार और गंदा पानी है। यहां के जलघर पर ताला लगा रहता है। यहां के लोग कई बार निगम में इसकी शिकायत दे चुके हैं लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। जिसकी वजह से ये समस्या बरकार है। कई बार लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूसरी जगहों से पानी भरकर लाना पड़ता है।





- यहां काफी समय से पीने के पानी की समस्या बरकरार है। इसे लेकर कई बार नगर निगम को शिकायत दी लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। कई बार सीवरेज सफाई का काम भी खानापूर्ति से ही किया जाता है।
- शामलाल, अशोक नगर

- कॉलोनी में बिछाई गई पाइपलाइन टूटी है। यहां से गुजरने वाले भारी वाहन कई बार पाइपलाइन तोड़ चुके हैं। इनकी वजह से सड़कें धंस जाती हैं। गली में पानी भरने लगता है लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
- विनोद, जनकपुरी।

- नगर निगम की ओर से जब भी सीवर लाइन में कोई केमिकल डाला जाता है तो वो केमिकल पेयजल पाइपलाइन के माध्यम से हमारे घरों में पहुंच जाता है। पीने के पानी की वजह से पहले भी कई बार यहां के लोग और बच्चे बीमार हो चुके हैं।
- महावीर, आनंद विहार

- कॉलोनी में गंदे पानी की समस्या वर्षों से बरकरार है। इसे लेकर सभी ने अपने घरों में साफ पानी के लिए आरओ लगवा लिए हैं। बिना आरओ के सप्लाई का पानी पीया नहीं जा सकता। इसमें बदबू और रेत भी आता है।
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- रिंकू, अर्जुन गेट

नगर निगम की ओर से वार्ड-18 के कृष्णा नगर और प्रेम नगर के लिए दो नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इनके साथ पंप चेंबर भी बनाए जाएंगे। इस काम पर करीब 27 लाख रुपये खर्च होंगे।
- प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम

जनकपुरी गली नबंर छह में सड़क पर जमा सिवरेज का पानी। संवाद

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