माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब शहर के पार्कों में भी दिव्यांग बच्चे खेलते नजर आएंगे। वे न केवल सैर कर सकेंगे, बल्कि झूले झूलेंगे और व्यायाम भी करेंगे। वे पार्क में आराम से पगडंडियों पर भी चल सकेंगे। इसके साथ आम लोगाें के साथ बातचीत करेंगे। पार्कों में उन्हें खेलने, सीखने और समुदाय से जुड़ने का मौका मिलेगा। इसके लिए नगर निगम शहर के तीन बड़े पार्कों को अत्याधुनिक पार्क (अल्ट्रा मॉड्रन पार्क) में विकसित करने जा रहा है। इन्हें व्हीलचेयर फ्रेंडली बनाया जाएगा, ताकि पार्क में आने वाले दिव्यांगों को घूमने-फिरने में किसी तरह से परेशानी न हो सके। इनमें करीब 21 प्रकार के विशेष झूले व उपकरण लगाए जाएंगे
इस तरह के पार्कों में चौड़े रास्ते, रैंप और आसान साइनेज होते हैं, ताकि व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरण आसानी से चल सकें। ऐसे झूले और खेल के सामान लगाए जाते हैं, जो शारीरिक रूप से अक्षम बच्चे भी अन्य बच्चों के साथ खेल सकें। यह पार्क सभी क्षमताओं के बच्चों को एक साथ खेलने, सीखने और समुदाय के साथ जुड़ने का मौका देते हैं। नगर निगम के इस प्रोजेक्ट में सेक्टर-13 स्थित श्री राम वाटिका पार्क, काछवा रोड स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क और सेक्टर-7 के मकान नंबर 2106 के नजदीक मौजूद पार्क को शामिल किया गया है। इसमें विशेष तौर पर दिव्यांग बच्चों के लिए विकसित किया जाएगा। इन पार्कों को विकसित करने पर करीब 1.83 करोड़ की राशि खर्च होगी। इस परियोजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है, जल्द ही इसके लिए निविदाएं आमंत्रित कर दी जाएंगी।
21 प्रकार के झूले और उपकरण लगेंगे
इन पार्कों में ईपीडीएम ट्रैक, सिट एन स्टीकर स्विंग, चीरफूल चर्न, सी-सा, फिशी फनी सी-सा, ड्यूट, व्हीलचेयर, प्लेफुल पैनल, शो-शो पैनल, गोन्डोला स्विंग, आर्म रिवोल्व एसिस्ट, मैरी गो एडाप्ट, एफआरपी गैजिबो, मैरी गो हाहा, हैरसिस हारमनी, फैंटासिआ फन, क्लाईंब क्रेजी कारटल, स्विंग, मिनी स्पाईरल स्लाइड, स्मॉल वंडर प्ले तथा चॉ टॉ शामिल किए गए हैं। इससे इन पार्कों का सौंदर्यीकरण भी बेहद आकर्षक होगा। ये झूले और उपकरण दिव्यांग बच्चों के लिए तैयार किए गए हैं।
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वर्जन:
दिव्यांग बच्चों के लिए अति आधुनिक पार्क एक ऐसा समावेशी स्थान है जहां सभी बाधाओं को दूर किया जाता है ताकि दिव्यांगजन बिना किसी रुकावट के खेल-कूद व मनोरंजन कर सकें। इसमें वह व्हीलचेयर फ्रेंडली रास्ते तथा विशेष प्रकार के झूलों का प्रयोग कर आनंद ले सकेंगे जो उन्हें अन्य बच्चों और समुदाय के साथ घुलने-मिलने का अवसर प्रदान करता है। निगम की ओर से प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के लिए 1.83 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
- डॉ. वैशाली शर्मा, आयुक्त, नगर निगम