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पहली बारिश से बिगड़े शहर के हालात

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05-कलायत। बारिश के बाद गली में हुआ जलभराव। - फोटो : Kaithal
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मानसून की दस्तक के साथ ही गर्मी और उमस की मार झेल रहे लोगों को राहत मिली है। इससे पहले पूर्वानुमान के अनुसार ही बुधवार की देर रात को ही बरसात शुरू हो गई थी, जो वीरवार दोपहर तक रुक-रुक कर जारी रही। जिले में औसत नौ एमएम बारिश में ही अधिकतर इलाके जलमग्न हो गए, जिससे क्षेत्रवासियों को विभिन्न परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में सबसे अधिक बारिश गुहला-चीका और सबसे कम राजौंद में रिकार्ड की गई। चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत अभी अगले दो दिन तक तेज बरसात होने की संभावना है।
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शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश ने जलभराव से बचाव की तैयारी की पोल खोलकर रख दी। मानसून की पहली बारिश में ही शक्ति नगर, माता गेट, पार्क रोड, अमरगढ़ गामड़ी, न्यू करनाल रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड, डोगरा गेट और प्रताप गेट पर जलभराव हुआ। वहीं अधिकतर निचली बस्तियों और चौराहों पर पानी भर गया। जलभराव से शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं जगह-जगह जलभराव से आवाजाही भी बाधित हुई। बरसात के बाद अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी पांच डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। वीरवार को अधिकतम तापमान 32.9 और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री दर्ज किया गया।
बारिश से खिले किसानों के चेहरे
झमाझम बारिश से जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं किसानों के भी चेहरे खिल उठे। कारण कि धान की फसल में पानी को लेकर किसान परेशान थे और उन्हें बेसब्री से मानसून का इंतजार था। बरसात न होने की स्थिति में किसानों को अधिक पानी खेतों में देना पड़ रहा था। इसके बावजूद धान की फसल सूखने का खतरा मंडरा रहा था।
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जिले में ब्लॉक अनुसार बारिश-
कैथल 07 एमएम
गुहला-चीका 33 एमएम
कलायत 04 एमएम
सीवन 12 एमएम
राजौंद 02 एमएम
पूंडरी 03 एमएम
ढांड 07 एमएम
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कुल 66 एमएम
मानसून की पहली बरसात ने खोली प्रशासन के दावों की पोल
फोटो नंबर : 47
ढांड। मानसून की पहली बरसात ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। नई अनाज मंडी, विस्तार अनाज मंडी, बाबा बिहारी दास चौक, पंचमुखी चौक से बस स्टैंड रोड पर काफी जलभराव हुआ। अनाज मंडी में आने जाने वाले किसानों व आढ़तियों को दो-दो फीट तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। किसानों व आढ़तियों ने कहा कि हलकी सी बरसात में ही दावे फेल हो जाते हैं। किसान बलकार सिंह, बृज लाल, बलजीत सिंह, कमल कुमार, जगदीश व सोमदत्त ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते धान की फसल में बढ़ोतरी नहीं हो रही थी। बरसात का पानी का धान की फसल में खाद जैसा काम करेगा।
फोटो नंबर 48
अब धान की फसल लगाने में आएगी तेजी
सीवन। बरसात होने के बाद वीरवार को उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। दिन में काले बादल छाए और दिन में ही रात का अहसास होने लगा। इसके बाद दोपहर के समय तेज बरसात शुरू हो गई। बुधवार को बादलों की आवाजाही तो दिन भर लगी रही, लेकिन उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। किसान जरनैल सिंह धंजू, राजेश रहेजा, सतीश सरदाना, मधुसूदन सिंह, जगरूप सिंह, कुलदीप सिंह, राजविंद्र सिंह, अंतरजीत सिंह व अन्य ने बताया कि अब धान की फसल लगाने के काम में तेजी आएगी।
फोटो नंबर 49
मुरझाती फसलों को मिला जीवनदान
राजौंद। बरसात से मौसम एक बार खुशगवार बन गया। सुबह पांच बजे अचानक आसमान पर छाए काले बादलों से तेज बरसात शुरू हुई। तेज बरसात के कारण कई जगह जलभराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि यह बरसात किसानों के लिए लाभदायक साबित हुई। क्योंकि इन दिनों किसान अपनी धान की फसल के लिए पानी की काफी जरूरत है। पिछले कई दिनों से पड़ रही भयंकर गर्मी के कारण सब्जियों व हरे चारे की फसलें भी मुरझा रही थीं। जिन्हें इस बरसात से इन सभी फसलों को जीवनदान मिला है।
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