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Karnal News: किसानों के खातों में आए खरीद के रुपये लेते रहे आढ़ती, सभी को बांटा कमीशन

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। जिले की अनाज मंडियों में हुए करीब 20 करोड़ रुपये के धान घोटाले को अंजाम देने के बाद सभी को उनका कमीशन दिया गया। आढ़ती से लेकर मंडियों के अधिकारियों तक ने अपना हिस्सा लिया। अब तक की जांच में सामने आया है कि किसानों के बैंक खातों में आने वाले धान खरीद के रुपयों को आढ़तियों ने निकलवाया। इसके बाद राशि अधिकारियों तक पहुंची। मिलों में भेजे गए कागजों में दिखाए स्टॉक को मिल मालिकों ने बाहर से सस्ता धान मंगवाकर पूरा किया। हालांकि शुरुआती जांच में स्टॉक कम मिलने के बाद विभाग ने प्राथमिकी दर्ज करा दी। पुलिस की जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
शुरुआती जांच में पुलिस ने फर्जी गेटपास काटने वालों को काबू किया। अब मंडी सचिव और अन्य अधिकारियों पर भी शिकंजा कस गया है। घरौंडा के मंडी सचिव चंद्रप्रकाश और असंध मंडी सचिव कृष्ण धनखड़ पुलिस रिमांड पर हैं। करनाल की मंडी सचिव आशा रानी और जुंडला मंडी सचिव दीपक कुमार व पूर्व डीएफएससी अनिल कुमार को जेल भेजा जा चुका है। अलग-अलग थानों में दर्ज छह प्राथमिकी की जांच के लिए एसपी की ओर से दो एसआईटी का गठन किया गया है। एक एसआईटी एएसपी कांची सिंघल और दूसरी डीएसपी शहर राजीव कुमार के नेतृत्व में जांच कर रही है।
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डीएसपी शहर राजीव कुमार ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसान का पंजीकरण होता है लेकिन यहां आढ़ती और मिल मालिकों ने मिलीभगत करके अपनी मर्जी से किसान व अन्य लोगों का पंजीकरण किया। मनमाने तरीके से उनकी जमीन दिखाई गई। बिना वास्तविक आवक के अनाज मंडी में फर्जी गेट पास काटे गए। पीआर धान का गेट पास कटना अनिवार्य है। गेट पास कटने के बाद फर्जी खरीद भी दिखाई गई, जिसमें खरीद एजेंसियों की भी मिलीभगत है। न तो धान आया न खरीद हुई, इसके बाद मिल में धान भेजा भी दिखाया। यह सारा काम कागजों में ही हुआ है।
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पुलिस को मिले इनपुट से जुड़ रही कड़ियां
मामले में अब तक 26 गिरफ्तारी हो चुकी हैं, इनमें से 24 को जेल भेजा जा चुका है। डीएसपी ने बताया कि शुरुआत में फर्जी गेटपास काटने वालों को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में अधिकारियों की संलिप्तता आने पर उन्हें काबू किया गया। अब तक गिरफ्तार हुए आरोपी अधिकारियों से पुलिस को कई इनपुट मिले हैं, ऐसे में संलिप्तता पाने पर पुलिस और लोगों को भी काबू कर सकती है। पिछले 10 दिनों में लगातार हर दूसरे दिन कार्रवाई हो रही है।
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