संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर के विकास नगर में किराए के कमरे में रहने वाले अमरजीत कुमार का शव 13 दिन बाद पश्चिमी यमुना नहर से मिला है। उनके जीजा ने शव की शिनाख्त की। परिवार हत्या की आशंका जता रहा है।
अमरजीत 20 जनवरी को सुबह आठ बजे खाना बनाने के बाद मजदूरी के लिए सांई मंदिर के पास चौक पर पहुंचा था। रात को लौटकर नहीं आया। आसपास के साथियों ने रात को काम पर लेट हो जाने की सोचकर तलाश नहीं की। सुबह तक भी नहीं लौटा तो खोजबीन शुरू की गई। साथियों को कहीं पर कोई सुराग नहीं लगा। उनके पड़ोसी रणजीत सिंह ने सेक्टर 32,33 थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू की थी। सोमवार को नहर से अज्ञात शव मिला तो अमरजीत के जीजा ने शव की शिनाख्त की।
मृतक के जीजा चंद्रचूहड सिंह ने बताया कि अमरजीत कुमार (30) विकास नगर में किराये पर रहते थे। मजदूरी करते थे। परिवार बिहार के बेगुसराय में रहता है। 20 जनवरी को अमरजीत कुमार सेक्टर छह स्थित सांई मंदिर के पास गया था। लेकिन रात को काम से लौटकर नहीं आया। 22 जनवरी को सेक्टर 32,33 थाना पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
लोकेशन उचाना की मिली
पुलिस ने तीन दिन पहले मोबाइल की लोकेशन निकाली तो उचाना गांव की आई। पुलिस टीम उनके साथ वहां पहुंची तो कोई सुराग नहीं लग पाया। चंद्रचूहड़ ने बताया कि अमरजीत की पत्नी ने 20 जनवरी को फोन किया था। तीन बार उनकी बात हुई। डेढ़ बजे फोन किया तो उठाया नहीं गया। पौने दो बजे कॉल की तो फोन बंद था। उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।
पुलिस ने नहर से शव बरामद करके परिजन को सौंपा है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता लग पाएगा। -सतीश कुमार, थाना प्रभारी, सेक्टर 32,33