घोघड़ीपुर बाईपास का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस बाईपास पर वाहन चलाने के लिए हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलानी पड़ेगी, क्योंकि बाईपास के बीच में करीब 498 पेड़ खड़े हैं। इन्हें हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग को पत्र लिखा है और 3.5 करोड़ रुपये जमा भी करवा दिए हैं। पेड़ काटे जाने के बाद लोक निर्माण विभाग 10 हेक्टेयर जमीन पर दोगुने पौधे लगाएगा।
जानकारी के अनुसार जिले को कैथल रोड स्थित नहर के पुल से घोघड़ीपुर तक करीब 5.8 किमी लंबे और 10 मीटर चौड़े बाईपास की सौगात मिली है। जिससे वाहन चालकों को जाम से मुक्ति मिलेगी। प्रोजेक्ट पर करीब 31 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हालांकि वन विभाग का दावा है कि इन पेड़ों के बदले में दोगुने पौधे लगाए जाएंगे। इस संबंध में उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अवगत करवा दिया है संवाद
खंड कृषि अधिकारी डॉ राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि पूर्ण रूप से विकसित एक पेड़ प्रतिदिन करीब 220 लीटर ऑक्सीजन छोड़ता है। 498 पेड़ काटे जाने पर प्रतिदिन 109560 लीटर ऑक्सीजन का नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि 220 लीटर ऑक्सीजन सात लोगाें को प्रभावित करती है ऐसे में 498 पेड़ काटे जाने पर करीब 16 हजार लोग प्रभावित होंगे।
वन विभाग के अनुसार इनके बदले में करीब एक हजार से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग को पौधे लगाने के लिए वन विभाग को करीब 10 हेक्टेयर जमीन और पौधों की कीमत देनी होगी लेकिन कब ये पौधे लगाए जाएंगे और कब वे पूर्ण रूप से विकसित होंगे।
लोक निर्माण विभाग की ओर से घोघड़ीपुर बाईपास निर्माण के बीच में आने वाले पेड़ों को हटाने के लिए पत्र मिला है। उन्होंने रुपये भी जमा करवा दिए हैं। लेकिन उनको दोगुना पौधे लगाने के लिए 10 हेक्टेयर जगह और खर्च भी देना होगा।
जय कुमार, डीएफओ करनाल