भ्रूण लिंग जांच कराने वाली आरोपी काबू, महिला चिकित्सक हुई फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। करनाल और कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक निजी अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापामारी कर भ्रूण लिंग जांच कराने के आरोप में एक महिला काबू किया है, जबकि आरोपी महिला चिकित्सक पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को चकमा देकर मौके से खिसक गई। टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया है।
गर्भवती महिला (डिकॉय) और दलाल के बीच 40 हजार रुपये में सौदा हुआ है, लेकिन बाद में दोनों के बीच 35 हजार रुपये में सहमति बनी थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी महिला दलाल से 34 हजार रुपये बरामद करते हुए पुलिस के हवाले कर दिया है। इतना ही नहीं, टीम ने महिला चिकित्सक से भी एक हजार रुपये बरामद किए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कृष्णा गेट थाना पुलिस को आरोपी महिला दलाल और महिला चिकित्सक के खिलाफ शिकायत सौंपी है।
बताया गया कि करनाल स्वास्थ्य विभाग को कुरुक्षेत्र में पिपली-कुरुक्षेत्र मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में किए जा रहे भ्रूण लिंग जांच की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक गर्भवती महिला की एक व्यक्ति के माध्यम से करनाल की महिला बबीता से बातचीत कराई। दोनों के बीच 40 हजार रुपये में शनिवार को कुरुक्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच कराने का सौदा हुआ। बबीता ने डिकॉय को फोन करके सुबह करनाल के महाराणा प्रताप चौक पर सुबह साढ़े नौ बजे मिलने के लिए कहा।
यहां से डिकॉय और बबीता एक निजी वाहन में कुरुक्षेत्र पहुंची, लेकिन स्वास्थ्य और पुलिस की टीम इनपर नजर रखी हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह करीब साढ़े 10 बजे दलाल का पीछा करते हुए पुराने बस अड्डे के पास पहुंची।
इसके दस मिनट बाद आरोपी बबीता औरडिकॉय गाड़ी से उतरकर पैदल-पैदल पिपली की तरफ चले। यहां पिपली मार्ग पर ज्योति नगर के सामने स्थित एक निजी अस्पताल में चले गए। यहां आरोपी महिला चिकित्सक ने गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया।
आरोप है कि महिला चिकित्सक ने कोख में पल रहे भ्रूण की जांच कर गर्भपात कराने की बात कही। इस पर आरोपी बबिता ने डिकॉय से इसके लिए 25 हजार रुपये मांगे, लेकिन डिकॉय ने गर्भपात कराने से मना कर दिया और अस्पताल से बाहर निकलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को इशारा कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर आरोपी बबिता को काबू कर लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम अल्ट्रासाउंड मशीन को सील करने के साथ-साथ अन्य कार्रवाई करने लगी।
इसी बीच आरोपी महिला चिकित्सक मौके से खिसक गई। स्वास्थ्य विभाग की महिला ने आरोपी बबीता के कब्जे से 34 हजार रुपये बरामद किए। टीम ने डिकॉय की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट अपने कब्जे में ले ली।स्वास्थ्य विभाग की पूछताछ में सामने आया कि अस्पताल के अंदर आने पर जब रिसेप्शन पर पर्ची बनवाने के लिए डिकॉय को कहा गया तो बबिता ने बोला था कि हम अल्ट्रासाउंड और पर्ची के पैसे अंदर चिकित्सक को ही दे देंगे।
बताया गया कि दोनों चिकित्सक के कमरे में चले गए और यहां बबिता ने 35 हजार रुपये में से एक हजार रुपये चिकित्सक को दिए। इसके बाद महिला चिकित्सक ने डिकॉय का अल्ट्रासाउंड किया था। कृष्ण गेट थाना प्रभारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम में ये रहे शामिल
करनाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित की गई टीम में उप सिविल सर्जन डॉ. शीनू चौधरी, डॉ. कृष्ण कांत तथा डॉ. परमजीत सिंह को शामिल किया गया। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित की गई टीम में पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. गौरव बंसल, डॉ. ऋषि व मनोज कुमार शामिल रहे।
निरीक्षण में मिली थी खामियां : डॉ. सहाय
उप सिविल सर्जन डॉ. आरके सहाय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले सप्ताह ही उक्त अल्ट्रासाउंड केंद्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान खामियां मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया था। अभी तक स्वास्थ्य विभाग को जवाब नहीं मिला था।