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66 कालोनियों का सर्वे पूरा, वैधता के लिए भेजेंगे फाइल

Thu, 24 Dec 2015 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
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शहर की 66 अवैध कॉलोनियों को नियमित कराने के उद्देश्य से चल रहा सर्वे का काम पूरा हो गया है। सर्वे कर रही एजेंसी ने नगर निगम को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। अब निगम को क्रॉस चेकिंग के बाद रिपोर्ट सरकार को भेजनी हैं। इसके बाद कॉलोनियों की वैधता का फैसला सरकार को करना है। वहीं निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सभी सर्वे रिपोर्ट के आधार सभी कॉलोनियों के वैध होने की पूरी उम्मीद है। वहीं निगम में शामिल होने के बाद भी अवैधता के नाम पर विकास कार्यों से अछूती रही इन कॉलोनियों की वैधता पर सरकार की मोहर लगने का बेसब्री से इंतजार है। यदि सरकार इस बार उन पर मेहरबान हुई तो इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भी जल्द ही शहर जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी।
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सर्वे एजेंसी ने निगम को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सरकार द्वारा सितंबर 2013 के विधानसभा सेशन में हरियाणा मैनेजमेंट ऑफ सिविक एमीनिटीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेफिसिट म्यूनिसिपल एरिया एक्ट पारित किया था। इस एक्ट के तहत सरकार द्वारा प्रदेशभर के विभिन्न शहरों में बसी अनियमित कॉलोनियों में बिजली, पानी व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने का प्रावधान किया था तथा जनवरी 2014 से उन कॉलोनियों का नियमित करने के निर्देश दिए थे। निगम निदेशालय द्वारा सरकार के आदेशों के बाद निगम क्षेत्र में शामिल हुई इन कॉलोनियों बिजली, पानी, सीवरेज, सड़कों, पार्क और पानी निकासी की सुविधा मुहैया कराने की योजना बनाई थी। लेकिन सरकार द्वारा इससे पहले उन कॉलोनियों को सभी पहलुओं की गहनता से जांच कराने के लिए सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए निगम द्वारा एक प्राइवेट एजेंसी को को टेंडर जारी किए थे।
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इन कॉलोनियों वैध होने की उम्मीद बढ़ी
शहर के बीस वार्डों में बसी 67 अवैध कॉलोनियों का नियमित कराने के उद्देश्य से निगम द्वारा सर्वे का काम पूरा कर लिया है। शहर की बसंत विहार, इंदिरा कॉलोनी, लोढा गामड़ी, संजय कॉलोनी, अराईपुरा, अशोक नर्सरी, कृष्णा कांपलेक्स, एलआईसी कॉलोनी, पालम कॉलोनी, प्रीतमपुरा, रंजीत एंक्लेव, आरकेपुरम, आर के पुरम पार्ट टू, शक्तिपुरम, बाल्मीकि बस्ती मॉडल टॉउन, दयानंद कॉलोनी, रोड़ कॉलोनी, एसपी कॉलोनी, संधु कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, कर्ण विहार, कर्ण विहार पार्ट टू, कर्ण विहार पार्ट थ्री, एमसी कॉलोनी, नरेंद्रा कॉलोनी, पुरानी दुर्गा कॉलोनी, पृथ्वी विहार, सरस्वती विहार, उत्तम कॉलोनी, अशोका विहार, गोपीवाला गामड़ी, कनिका विहार, कृष्णा कॉलोनी, सूरज नगर, विकास कॉलोनी, राजीव पुरम, विकास नगर टू, डीसी कॉलोनी मेरठ रोड, मोती नगर, राजेंद्र नगर, बाल्मीकि बस्ती अर्जुन गेट, बाल्मीकि बस्ती सैनी कॉलोनी, नाला पार हांसी रोड, भाट कॉलोनी बजीदा रोड, डेरा बस्ती बजीदा रोड, इंदिरा कॉलोनी, जनकपुरी, मंगल कॉलोनी, रामदेव कॉलोनी, डिंगा खेड़ा कॉलोनी, गप्पु वाला कॉलोनी, गीता कॉलोनी, हकीकत नगर, लवकुश कॉलोनी, महावीर कॉलोनी, नई बाल्मीकि बस्ती, श्रीराम कॉलोनी, गुरु नानक पुरा, विजय नगर, यमुना विहार, नसीब पुरा, सैदपुरा का बाहरी क्षेत्र सहित पाल नगर के वैधता सूची में शामिल होने की पूरी उम्मीद जगी है।
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वैध होंगी तो बढ़ेगा राजस्व
बाहरी कॉलोनियां वैध होंगी तो सरकार को राजस्व भी ज्यादा आएगा। बाहरी कॉलोनियों में रजिस्ट्रियां बंद हैं। ऐसे में यहां फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर ही लोग अपने प्लॉट बेच और ले रहे हैं। हालात यह हैं कि एक-एक प्लॉट कई-कई बार बिक चुका है, लेकिन सरकार को कोई राजस्व नहीं आया है। लोग भी कई बार प्लॉट की खरीद में धोखाधड़ी होने से परेशान होते हैं। कॉलोनी वैध होंगी तो रजिस्ट्रियों का राजस्व सरकार को मिलेगा। हाउस टैक्स और डेवलपमेंट चार्ज लेकर भी राजस्व जुटाया जा सकेगा। माना जा रहा है कि वैधता में सरकार इसलिए फैसला लेने से हिचकती है कि बाद में विकास के लिए बड़े स्तर पर धनराशि कैसे उपलब्ध होगी।
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जनस्वास्थ्य विभाग ने बनाया 38 करोड़ का प्रपोजल
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर की अवैध कॉलोनियों में सीवरेज लाइन डालने के लिए 38 करोड़ का प्रपोजल बनाया गया है तथा निगम द्वारा भी स्ट्रीट लाइट व सड़कों के निर्माण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार से स्वीकृति मिलते ही इन कॉलोनियों में विकास कार्यों को गति मिलेगी, जिसका उन कॉलोनियों में रहने वाले करीब दो लाख लोगों को लोगों को लाभ होगा।
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शहर की 66 अवैध कॉलोनियों के सर्वे का काम पूरा हो गया है। निगम द्वारा जल्द ही क्रॉस चेकिंग के बाद रिपोर्ट सरकार के भेजी जाएगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सरकार से सभी कॉलोनियों की नियमन पर स्वीकृति मिलने की पूरी उम्मीद है।
-रेणूबाला गुप्ता, मेयर नगर निगम करनाल।
वर्जन
नगर निगम में शामिल की गई 66 कॉलोनियों को नियमित कराने के उद्देश्य से एक एजेंसी के माध्यम से सर्वे करवाया गया है। निगम द्वारा अगस्त में एजेंसी को टेंडर कर सर्वे का वर्क ऑर्डर जारी किया था। अब एजेंसी ने निगम को सर्वे की फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। अब निगम द्वारा सरकार के पास यह रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद फैसला सरकार को लेना है। लेकिन उन्हें जनवरी तक सरकार से स्वीकृति मिलने की पूरी उम्मीद है।
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- सुमेधा कटारिया नगर निगम आयुक्त करनाल।
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