फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नए सिविल और सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले को पिछले कई साल से नए सिविल अस्पताल भवन और मेडिकल यूनिवर्सिटी में बनने वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की दरकार है। दोनों ही प्रोजेक्ट जिले के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं और सीएम मनोहर लाल के ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। बावजूद इसके इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। सिविल अस्पताल के लिए छह साल से तैयारियां की जा रही हैं, लेकिन आज तक इनको जमीन ही नहीं मिल पाई। दूसरा, कुटेल स्थित पंडित दीन दयाल मेडिकल यूनिवसिर्टी में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए भवन का निर्माण शुरू हो चुका है, लेकिन इसके बनने में अभी दो साल का समय लगेगा।
विज्ञापन

अप्रैल, 2017 में 650 करोड़ की लागत से कल्पना चावला मेडिकल कालेज शुरू किया गया था। वर्ष 2012 से 2017 तक सिविल अस्पताल का स्टाफ और उपकरण भी मेडिकल कालेज के लिए ही प्रयोग में लाए गए। अब दोबारा से पुराने भवन में ही सिविल अस्पताल शुरू किया गया है, लेकिन यह भवन अब मेडिकल कालेज के लिए है। पिछले छह साल से जिले में सिविल अस्पताल के लिए नई जमीन की तलाश की जा रही है। कई बार प्रोजेक्ट तैयार हुए, लेकिन यह केवल कागजों तक ही सीमित रहे। अब दोबारा से इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार करके सरकार के पास भेजा गया है, लेकिन अनुमति मिलेगी या फिर पहले की तरह ही यह भी फाइलों में ही निपट जाएगा, यह देखने वाली बात है। दूसरी ओर, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार किए जाने में भी देरी की गई है। करनाल से विधायक और सीएम बनने के बाद मनोहर लाल ने करनाल के लिए मेडिकल यूनिवसिर्टी बनाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक यह प्रोजेक्ट भी गति नहीं पकड़ पाया है, जिस कारण सुपर स्पेशलिटी अस्पताल निर्माण में भी देरी हो रही है।
सुपर स्पेशलिटी में क्या क्या
प्रोजेक्ट के अनुसार, 700 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाना है। यहां कॉर्डियोलॉजी, कार्डिक सर्जरी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी, जीआइ सर्जरी, बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, हेपोटोलॉजी, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्त्रसे बायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी व एनेस्थीसिया जैसे विषयों में सुपर स्पेशलिटी की पढ़ाई और इलाज लिया जा सकेगा। हालांकि, यहां पर सुपर स्पेशलिटी यूनिवर्सिटी में मेडिसिन, आर्थो, गायनी, सर्जरी जैसे विभाग नहीं होंगे। इन विभागों में इलाज के लिए कल्पना चावला मेडिकल कालेज जाना होगा। 140 एकड़ में यूनिवर्सिटी निर्माण पर 2500 करोड़ रुपये की लागत आनी है। इनमें से 300 करोड़ सुपरस्पेशलिटी अस्पताल पर खर्च हंोंगे।
विज्ञापन

नए सिविल अस्पताल में क्या होगा
प्रस्ताव के तहत नए सिविल अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं समेत कई नई व्यवस्थाएं होंगी। इसके तहत कैथ लैब, एमआरआई, डायलिसिस सेंटर, टेस्ट के लिए आधुनिक लैब, टीएमटी, एंजियोग्राफी और हृदय रोग संबंधी सेवाएं होंगी। इसके अलावा, लोगों की सेवा के लिए 24 घंटे सीटी स्कैन और एक्सरे की सुविधा होगी तो एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देने का प्रयास होगा। प्रोजेक्ट के लिए सेक्टर-32 में स्कूल की पांच एकड़ जमीन पर बनाने के लिए यह प्रस्ताव भेजा गया है।
दोबारा से शुरू किए प्रसास : सीएमओ
नए सिविल अस्पताल के लिए दोबारा से प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए सेक्टर-32-33 में जमीन चिह्नित की गई है। शहर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए यह लोकेशन सबसे अच्छी है। हमारा प्रयास रहेगा कि सरकार की तरफ से मंजूरी मिलते ही इसको गति दी जाएगी। ये तय है कि पुराने भवन को मेडिकल कालेज को हैंड ओवर किया जाएगा, क्योंकि अब यह जमीन मेडिकल कालेज के लिए ही है।-डा. योगेश शर्मा, सीएमओ।
प्रोजेक्ट को देंगे गति : डा. दुरेजा
प्रस्ताव के अनुसार, सुपरस्पेशलिटी अस्पताल मेडिकल यूनिवर्सिटी में बनाया जाना है। इसको लेकर आला अधिकारियों के निर्देशानुसार ही काम किया जा रहा है। मेडिकल यूनिवर्सिटी में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने के लिए भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। आगामी दो साल में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि जल्द ही इसे शुरू किया जाए, ताकि लोगों को सुविधाएं मिल सकें। अगर नया सिविल अस्पताल बनता है तो इस भवन में अन्य कार्यों में प्रयोग किया जाएगा। -डा. जेसी दुरेजा, निदेशक, केसीजीएमसी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें