संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पिछले तीन दिनों से उमस भरी गर्मी के चलते लोग परेशान हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस होने के बावजूद उमस के चलते लोगों के पसीने छूट गए। बुजुर्गों और बीमार लोगों की बेचैनी बढ़ गई। जिस कारण वातानुकूलित यंत्रों व कूलर का सहारा लेना पड़ा। अगले 24 घंटे तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। बुधवार से मौसम परिवर्तन के आसार हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान है कि 29 जून से तीन जुलाई तक जिले में हल्के बादल छाएंगे। एक से तीन जुलाई तक बादल छाने के साथ-साथ बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है। सोमवार को वाष्प दाब का 27.2 एमएम पर पहुंचना मौसम परिवर्तन का संकेत है। जब भी वाष्प दाब बढ़ता है तो मौसम परिवर्तन की संभावनाएं बनती हैं।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डीएस बुंदेला के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 36.4 व न्यूनतम 28.8 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी 64 प्रतिशत, वाष्प दाब 27.2 एमएम व हवा की औसत गति 7.1 किलोमीटर प्रति घंटा रही। एक दिन पूर्व रविवार को अधिकतम तापमान 36.8 व न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस था। पिछले वर्ष 27 जून को अधिकतम तापमान 36.5 व न्यूनतम 27.0 डिग्री सेल्सियस था।
खरीफ सीजन के कृषि कार्य प्रभावित
गर्मी के प्रभाव और उमस भरे वातावरण से खरीफ सीजन में कृषि कार्य प्रभावित हो गए हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों ने दिन में श्रमिकों से काम करवाना बंद कर दिया है। उन्हें डर है कि कहीं मजदूर की तबीयत न बिगड़ जाए। नबीपुर गांव के किसान कमल कांबोज ने कहा कि गन्ने की निलाई-गुड़ाई, धान की रोपाई, धान में खाद व खरपतवार नियंत्रण दवाओं का छिड़काव इत्यादि कार्य प्रभावित हो चुके हैं। ऐसे मौसम में यदि कोई मजदूर काम करते हुए बीमार हो गया तो किसान की समस्या बढ़ जाएगी। इस वजह से तमाम तरह के कार्य अटक गए हैं। बारिश का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। बिजली की नियमितता से धान के खेतों में पानी भरते हैं, लेकिन गर्मी में पानी सूख जाता है।