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Karnal News: भावनाएं दबाने से बढ़ रहा तनाव

Thu, 22 Jan 2026 02:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। खामोशी हर सवाल का जवाब है... यह वाक्य हमेशा सही नहीं होता। भावनाओं का इजहार जरूरी है। नाराजगी या विरोध है तो उसे संयमित भाषा में जाहिर कर देना बेहतर है, बजाय मन में दबाकर कुढ़ने के। चिकित्सक भी यह कह रहे हैं। भावनाओं को दबाने से महिलाओं में तनाव की समस्या गहरा रही है। जिला नागरिक अस्पताल से मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सौभाग्य कौशिक ने बताया कि उनकी ओपीडी में रोजाना करीब 30 महिलाएं और युवतियां काउंसिलिंग व फॉलोअप के लिए आ रही हैं। इनमें मूड स्विंग्स और मानसिक तनाव मिल रहा है। चिड़चिड़ापन, बेचैनी और कभी उदासी। समस्या यह है कि वह अपनी भावनाओं को दबा लेती हैं। लंबे समय तक बातों को अपने अंदर रखने और किसी के साथ साझा न करने के कारण तनाव बढ़ता है।
- कमजोर समझे जाने की चिंता
डॉ. सौभाग्य कौशिक का कहना है कि 16 से 30 वर्ष तक की युवतियां हर निर्णय पर सोचने और खुद को परखने के लिए मजबूर होती रहती हैं। रिश्तों, दोस्तों, सोशल मीडिया और व्यक्तिगत अनुभवों उन्हें कई बार ओवरथिंकिंग की ओर ले जाता है। कई बार उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने अपनी चिंता या समस्या दूसरों को बताई तो उन्हें कमजोर समझा जाएगा। इसलिए वे भावनाओं को अंदर दबा कर रखती हैं जिससे तनाव गहराता रहता है।
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महिलाओं के ऊपर घर, परिवार, बच्चे, और कामकाज का लगातार दबाव होता है। कई बार वे हर बात को सोचती हैं कि सब सही तरीके से हो जाए। यही लगातार सोचना ओवरथिंकिंग का कारण बनता है।

उन्होंने कहा कि यह समस्या अब युवतियों में और बढ़ गई है। इनमें बढ़ती उम्र के साथ हार्माेनल बदलाव और मासिक धर्म चक्र के कारण कई दिनों तक यह समस्या जारी रहती है।
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लक्षण :
बार-बार मूड बदलना। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना। बेचैनी, उदासी, घबराहट। नींद न आना और थकान। किसी काम में मन न लगना।


बचाव :
समय पर काउंसिलिंग और मानसिक परामर्श जरूरी है। रोजाना 10-15 मिनट ध्यान करना, गहरी सांस लेना और मांसपेशियों को रिलैक्स करने वाली तकनीकें अपनानी चाहिए। खुद के लिए छोटा समय निकालें, चाहे वह योग, संगीत, लेखन या कोई रचनात्मक गतिविधि हो। महिलाएं सपोर्ट ग्रुप या समूह काउंसिलिंग से जुड़ सकती हैं। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और हल्की शारीरिक गतिविधि हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और मूड स्थिर रखने में मदद करती हैं।
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