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Karnal News: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने वाले सौतेले पिता और चचेरे भाई को 20-20 साल की सजा

Thu, 11 Dec 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल अदालत पॉक्सो एक्ट मामले) गुनीत अरोड़ा की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म करने वाले सौतेले पिता राजिंद्र (40) और चचेरे भाई दीपक (24) को 20-20 साल सजा सुनाई है। उन पर 10- 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना ना भरने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। नाबालिग का गर्भपात करवाने की दोषी सौतेली मां रेखा (मौसी) को 7 साल की सजा सुनाई है।
मामले की पैरवी उप न्यायवादी अमन कौशिक ने की। उन्होंने बताया कि तरावड़ी में एक गर्भपात मामले में पुलिस ने एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया था। डॉक्टर ने पूछताछ में बताया था कि उसने 14 साल की नाबालिग लड़की का गर्भपात किया था। वह 3 माह की गर्भवती थी। डॉक्टर ने बताया कि पीड़िता लड़की करनाल में एक अनाथालय में रह रही है। पुलिस किशोरी के पास पहुंची। उनकी काउंसिलिंग करवाने पर सामने आया कि जब वह (पीड़िता) पांच साल की थी तो उसके पिता की मौत हो गई थी। जबकि मां छोड़कर चली गई थी। वह अपने ताऊ के पास रहने लगी। जहां उसके साथ ताऊ के लड़के दीपक ने गलत काम किया। कुछ समय बाद मौसी ने गोद ले लिया। सौतेली मां रेखा (मौसी) के घर में सौतेले पिता (मौसा) राजेंद्र ने भी गलत काम किया। पेट बड़ा हुआ तो सौतेली मां ने डॉक्टर से चेकअप करवाया। पता लगा कि वह गर्भवती है। सौतेली मां रेखा तरावड़ी की महिला डॉक्टर के पास ले गई। महिला डॉक्टर ने उसका गर्भपात किया।
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नाबालिग लड़की के बयान व काउंसिलिंग के बाद 23 सितंबर, 2021 को सदर थाना में पीड़िता के ताऊ के लड़के आरोपी दीपक, सौतेले पिता राजिंद्र, सौतेली मां रेखा और महिला डाक्टर के खिलाफ पॉक्सो की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। सितंबर, 2021 में तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में दस लोगों की गवाही हुई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल अदालत पॉक्सो एक्ट मामले) गुनीत अरोड़ा की अदालत ने सौतेले पिता और चचेरे भाई को 20-20 साल सजा और 10- 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जबकि नाबालिग का गर्भपात करवाने को सौतेली मां रेखा (मौसी) को भी सात साल की सजा सुनाई है। मामले में शामिल महिला डॉक्टर का मुकदमा अन्य अदालत में विचाराधीन है।
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