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मंडी शिफ्टिंग पर प्रशासन और आढ़ती आमने-सामने

Fri, 01 Apr 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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मंडी शिफ्टिंग - फोटो : अमर उजाला
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सीएम द्वारा 31 मार्च तक दी गई मोहलत के बाद अब प्रशासन सब्जी मंडी की शिफ्टिंग के लिए सख्त हो गया है। रातों रात प्रशासन ने पुलिस की मदद से कुछ लोगों को नई मंडी में शिफ्ट भी कर लिया, लेकिन देर रात तक तनाव के हालात पैदा हो गए हैं। एक तरफ भारी पुलिस बल तो दूसरी तरफ आढ़ती और फड़ी संचालक।
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उधर, फ्रूट रेहड़ी एसोसिएशन ने मंडी शिफ्टिंग पर भूख हड़ताल की चेतावनी दे दी है। देर रात को पुलिस के 300 कर्मचारी वहां पर तैनात कर दिए गए, साथ ही शहर में पुरानी सब्जी में आने वाले रास्तों पर नाके लगा दिए गए, ताकि सुबह और रात को आने वाली सब्जियों व फ्रूट के वाहन पुरानी मंडी में नहीं आ सकें। ज्यादातर रास्तों को नई मंडी की तरफ से कर दिया गया है। जिला प्रशासन का दावा है कि अब शुक्रवार से नई सब्जीमंडी में ही लोगों को सब्जी व फल फ्रूट मिलेंगे। मंडी शिफ्टिंग की सूचना देने के लिए प्रशासन द्वारा दो दिनों से मुनादी भी करवाई जा रही है।

शहर के बीचों बीच सब्जीमंडी होने की वजह से जाम व गंदगी की समस्या को देखते हुए सरकार द्वारा करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-3 में नई अनाजमंडी के पास सब्जीमंडी बनाई है। मंडी प्रशासन द्वारा आढ़तियों व रेहड़ी फड़ी संचालकों के लिए सभी सुविधा मुहैया करा दी हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल 15 दिसंबर 2015 को नई सब्जीमंडी का उद्घाटन कर चुके हैं। लेकिन आढ़तियों के विरोध के चलते उद्घाटन के चार माह बाद भी सब्जीमंडी शिफ्ट नहीं हुई है। नई सब्जीमंडी के उद्घाटन के बाद आढ़तियों ने मुख्यमंत्री से मिलकर मंडी शिफ्टिंग के लिए 31 मार्च 2016 तक समय मांगा था।
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अब मुख्यमंत्री से मिला समय समाप्त होते ही प्रशासन ने मंडी को शिफ्ट करने का ऐलान कर दिया है। प्रशासन द्वारा नई सब्जीमंडी में आढ़तियों के लिए बिजली, पानी व शौचालय तक की सुविधा कर दी है। लेकिन आढ़ती व रेहड़ी संचालक नई सब्जीमंडी के शहर से दूर होने की वजह से वहां जाने को तैयार नहीं है। इसलिए कुछ आढ़ती व रेहड़ी फड़ी संचालक इसका लगातार विरोध कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मंडी में सैकड़ों की संख्या में फड़ी संचालक हैं। गुरुवार शाम से ही प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंजाम देना शुरू कर दिया और रातों रात कुछ आढ़तियों को नई मंडी में शिफ्ट कर दिया। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन और फड़ी संचालकों में तनाव का माहौल बना हुआ है।

फ्रूड रेहड़ी एसोसिएशन ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
फ्रूट रेहड़ी एसोसिएशन के प्रधान चंद्रभान का कहना है कि शहर में नई सब्जीमंडी का प्रपोजल तैयार किया गया था, उस समय केवल आढ़तियों को वहां पर शिफ्ट करने क बात कही गई थी तथा रेहड़ी फड़ी वालों के लिए शहर में मिनी सब्जीमंडी की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब प्रशासन आढ़तियों के साथ रेहड़ी फड़ी वालों को भी वहां पर शिफ्ट होनी की बात कह रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने नई सब्जीमंडी में अपने चहेतों को रेहड़ी व फड़ी की जगह अलॉट की है। लेकिन उनके हाथों से रोजगार छीन लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन यदि उन्हें जबरदस्ती शिफ्ट करना चाहता है, तो वे किसी भी कीमत पर नई सब्जीमंडी में नहीं जाएंगे। वे अपनी मांगो को लेकर शुक्रवार से ही पुरानी सब्जीमंडी में भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

सब्जीमंडी शिफ्टिंग पर आढ़तियों के पास स्टे ऑर्डर
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बंसीलाल ने बताया कि 11 आढ़तियों के पास सब्जीमंडी की शिफ्टिंग पर 30 अप्रैल तक के स्टे ऑर्डर हैं। जब तक सभी आढ़ती व रेहड़ी फड़ी संचालक नई सब्जीमंडी में शिफ्ट नहीं होंगे तब तक मंडी शिफ्ट नहीं होगी। वहीं, किशन कुमार ने बताया कि वे व्यापारियों के साथ हैं और सभी सुविधाएं मिलने के बाद ही शिफ्ट करेंगे।

वर्जन
एक अप्रैल से आढ़तियों को नई सब्जीमंडी में शिफ्ट होने के निर्देश दिए हैं। नई सब्जीमंडी में आढ़तियों व रेहड़ी फड़ी वालों के लिए सभी सुविधाएं मुहैया करा दी गई हैं। सब्जीमंडी के शिफ्ट होने से शहर के लोगों को जाम व गंदगी से राहत मिलेगी। शुक्रवार से नई अनाजमंडी में ही सब्जीमंडी को शिफ्ट कर दिया गया है। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
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योगेश कुमार, एसडीएम करनाल।
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