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Karnal News: अटल पार्क की तर्ज पर विकसित होगा ऑक्सीवन का दूसरा भाग

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- अंतरिक्ष-वन, आरोग्य व स्मृति वन बनेंगे, शुद्ध रहेगा वातावरण
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सुखदेव चौहान

करनाल। वन विभाग की ओर से शहर के सेक्टर चार ग्रीन बेल्ट से मधुबन तक करीब चार किलोमीटर में ऑक्सीवन का भाग दो अटल पार्क की तर्ज पर विकसित होगा। ऑक्सीवन के दूसरे भाग का टेंडर हो चुका है जिसका कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। अधिकारियों ने सोमवार को यहां का मौका मुआयना किया और बताया कि भाग दो में अंतरिक्ष-वन, आरोग्य व स्मृति वन विकसित किए जाएंगे।

ऑक्सीवन के पहले भाग का कार्य पूरा हो चुका है जिस पर साढ़े तीन करोड़ रुपए की राशि खर्च हुई है। शहरवासियों को शुद्ध हवा देने व योग संस्थाओं को बेहतर मंच प्रदान करने के लिए वन विभाग की ओर से ऑक्सीवन के पहले फेज का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस भाग में तपोवन, पाखीवन, कृष्णवन, सुगंध वन व मियावाकी भी तैयार की गई है।
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अब दूसरे भाग का कार्य शुरू होना है, इससे पहले यहां फेंसिंग व लेवलिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। दूसरे चरण में वन क्षेत्र तैयार किया जाना है, जिसमें लोगों की सुविधा के हिसाब से वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। ऑक्सीवन के भाग दो में आर्किड ट्री (कचनालर), इंडियन लैबर्नम (अमल्तास), प्राईड ऑफ इंडिया, रेड सिल्क कॉटन ट्री (सीमल), इंडियन कोरल, सीता अशोक, जावा कैसिया, लाल गुलमोहर, गोल्डन शॉवर, पैशन फ्लावर, जैसे सजावटी और फूल वाले पौधे लगाए जाएंगे। पाखी वन में पीपल, बरगद, पिलखन, नीम आदि के पौधे लगे हैं, दूसरे भाग में अंतरिक्ष वन में जंगल की आग (पलाश/ढाक), कटहल गुल्लर, आंवला, कृष्णा नील, चंपा, खैर व बेल पत्थर जैसे पौधे लगाए जाएंगे। आरोग्य वन में तुलसी, आश्वगंधा, नीम, एलोवेरा, हरड़, बेहड़ा, आंवला आदि औषधीय पौधे रोपित किए जाएंगे। तीसरे भाग में सुगंध वाटिका में चमेली, रात की रानी, दिन का राजा, पारिजात, चंपा, गुलाब, हनी स्कल व पैसी फलौरा पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। स्मृति वन में लोग अपने जन्मदिन व विशेष दिन की स्मृति के लिए पौधरोपण करेंगे।







वन मित्र योजना से वन क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा


स्वस्थ पर्यावरण के लिए हरित आवरण व हरियाणा में वन क्षेत्रों में कमी को पहचानते हुए वन विभाग की ओर से वन मित्र योजना शुरू की गई है। योजना का उद्देश्य वृक्ष आवरण बढ़ाने में स्थानीय समुदायों को सीधे शामिल करना है। योजना के तहत 10 जून तक पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने का काम, एक जुलाई से 15 अगस्त तक रोपण अवधि होगी। 31 अगस्त तक पौधरोपण सत्यापन और जियो टैग, सितंबर से अप्रैल तक रोपित पौधों का रखरखाव व संरक्षण कार्य किया जाएगा। योजना के तहत चार वर्षों तक रोपित पौधों का रखरखाव और संरक्षण का कार्य किया जाएगा।
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ऑक्सीवन परियोजना के तहत तीन भाग में पार्क विकसित किया जाएगा। इसके पहले भाग का कार्य पूरा हो चुका है। इस वर्ष दूसरे भाग को तैयार किया जाएगा। लगभग चार किलोमीटर लंबे और 80 एकड़ भूमि में बनने वाला यह ऑक्सीवन आकर्षण का केंद्र रहेगा जिससे शहरवासियों को शुद्ध वातावरण मिलेगा।



- जय कुमार, जिला वन अधिकारी करनाल
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