संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नगर निगम शहरी बस सेवा से करीब 2.80 करोड़ का घाटा झेलने के बाद इन बसों को रोडवेज को सौंपने जा रहा है। अब ये छह बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी और महिलाओं के लिए चलाई जाएंगी। पिछले काफी समय से खड़ी ये बसें कंडम हो रही थी। अब ये दोबारा सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी।
नगर निगम ने जनवरी 2018 में 1.32 करोड़ रुपये में छह बसें खरीद कर शहरी बस सेवा के नाम से चलाई थी। लेकिन इन बसों का संचालन निगम के लिए घाटे का सौदा बनकर रह गया और हर माह 10 लाख का बोझ निगम के खजाने पर पड़ता रहा। दो साल तक किसी तरह नगर निगम ने बसों का संचालन किया पर लगातार घाटे के बाद इन बसों का संचालन बंद कर दिया। अब उन्हें रोडवेज को सौंपा जा रहा है। संवाद
तीन बसें हैं वातानुकूलित
नगर निगम ने 2018 मेें 1.32 करोड़ मेें छह बसें खरीदी थीं। जिनमें तीन वातानुकूलित और तीन सामान्य बसें शामिल थीं। जिन्हें संचालित करने के लिए करीब छह लाख में ठेका दिया गया था।
वेतन भी नहीं निकल सका
शहरी बस सेवा योजना में छह बसों पर लगभग 30 चालक-परिचालक तैनात थे जिनका वेतन करीब पांच लाख रुपये प्रति माह था, लेकिन हालात ये रहे कि बसें अपने कर्मचारियों का वेतन भी नहीं निकाल पाईं। जनवरी 2018 में शुरू की गई बसों को करीब दो साल बाद बंद कर दिया गया। नगर निगम को हर माह 10 लाख रुपये का घाटा झेलना पड़ा। लंबे समय से खड़ी बसें कंडम होने के कगार पर हैं।
बसें को रोडवेज को कर रहे हैं हैंडओवर
बसों का संचालन करते हुए नगर निगम को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। अब इन छह बसों को रोडवेज को सुपुर्द किया जा रहा है। जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
जितेंद्र मलिक, इंचार्ज शहरी बस सेवा, नगर निगम करनाल
महिलाओं के लिए चलाई जाएंगी
नगर निगम की छह बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल हो रही हैं। अलग-अलग रूटों पर की जा रही मांग के अनुसार इन बसों को विशेष रूप से महिलाओं के लिए चलाया जाएगा।
कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज