यमुना की तलहटी से शहरवासियों को आपूर्ति होना था शुद्ध पेयजल
- मुख्यालय की ओर से अभी तक परियोजना को लागू करने के लिए नहीं मिली बजट की मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्णनगरी में रेनीवेल परियोजना के जरिये लोगों को यमुना की तलहटी से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने का कार्य अटक गया है। विभाग की ओर से इस कार्य की डीपीआर तैयार करके मुख्यालय भेजी गई थी लेकिन ज्यादा महंगी परियोजना होने के कारण यह सिरे नहीं चढ़ पाई है।
हालांकि इस परियोजना के लिए भौतिक जांच का कार्य पूरा हो चुका था। इसकी प्रारंभिक जांच के दौरान सही संकेत मिलने से उम्मीद थी कि जल्द शहर के लोगों को यमुना का जल पीने को मिलेगा। विभाग की ओर से यह परियोजना शोध के बाद जिले में घटते भूजल स्तर को देखते हुए तैयार की गई थी। रेनीवेल परियोजना में भौतिकी जांच के लिए दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया की टीम ने इस पर शोध किया था। प्रारंभिक जांच में ड्रिलिंग से लिए गए पानी के सैंपल सही पाए गए थे। हालांकि टीम ने अन्य बिंदुओं पर भी बारीकी से अध्ययन किया था।
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से इस परियोजना की भौतिकी जांच के लिए घरौंडा खंड के मुंडोगढ़ी गांव में पंचायत की दो एकड़ भूमि में निशानदेही कर परीक्षण भी किया गया। यहां से लिए गए सैंपल की जांच के आधार पर टीम द्वारा हर पहलू को ध्यान में रखकर बारीकी से जांच की गई थी। यदि शहर में यह परियोजना सिरे चढ़ती है तो इसे पायलट प्रोजेक्ट मानते हुए देश में अन्य जगहों पर भी लागू किया जाता।
इस योजना के कारगर सिद्ध होते ही शहर के लोगों को यमुना की तलहटी से मीठा पानी उपलब्ध होता। फिलहाल शहर के लोगों को विभाग की ओर से लगाए गए ट्यूबवेलों के माध्यम से तीन टाइम पानी की आपूर्ति दी जा रही है। संवाद
स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता यमुना का पानी
जल वैज्ञानिकों का कहना है कि यमुना का पानी पीने में प्रयोग करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इस परियोजना में एक रेनीवेल तैयार किया जाता, पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए इसके साथ ही पानी की टंकिया स्थापित की जातीं। शहरवासियों को पानी की सीधी आपूर्ति न होकर पानी की टंकियों में स्टोर होता और फिर वहां से घरों में आपूर्ति की जाती। - संवाद
रेनीवेल परियोजना की भौतिकी जांच रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद परियोजना की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करके मुख्यालय भेजी गई थी। मुख्यालय की ओर से अभी तक इस परियोजना को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए बजट की मंजूरी नहीं मिली है। यदि भविष्य में इसके लिए बजट पास होता है तो शुरूआत में जमीन एक्वायर की जाएगी, उसके बाद रैनीवेल तैयार करके शहर में पानी की टंकिया तैयार की जाएंगी।
- अभिषेक शेर, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, करनाल