नगर निगम की ओर से शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान को रामनगर में झटका लगा है। अतिक्रमण हटाने गई टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी खराब हो गई कि जब नगर निगम की टीम ने रेहड़ियों को हटाया और ट्राली में डाला तो रेहड़ी संचालक आपा खो बैठे और इसको लेकर विरोध शुरू कर दिया। बाद में गुस्साए दुकानदारों व रेहड़ी संचालकों ने मेन बाजार में रोड जाम कर दिया। बाद में सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल दलबल के साथ पहुंचे और करीब आधे घंटे के बाद रेहड़ी संचालकों को सड़क से हटाया। फिलहाल मामले को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है, एक तरफ रेहड़ी संचालकों का कहना है कि वे यहीं पर रेहड़ी लगाएंगे और दूसरी ओर निगम का दावा है कि वे हर हाल में अतिक्रमण हटाकर ही दम लेंगे।
गुरुवार शाम को नगर निगम द्वारा शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए विशेष अभियान के तहत भवन निरीक्षक राजेश, विकास एवं सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा की अगुवाई में पुलिस बल को साथ लेकर मेन मार्केट रामनगर से दुकानों के आगे जमा अतिक्रमण हटवाया तो दुकानदारों और रेहड़ी संचालकों ने इसका विरोध किया और सडक़ को जाम करके सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। जाम लगने से सड़क पर वाहनों की कतारें लग गई और आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। देर रात सिटी थाना पुलिस ने 30 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि पांच लोगों को नामजद किया है, जबकि 20 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।
लाइनपार एरिया में रेहड़ी संचालकों के लिए निर्धारित है दो जगह
जिला प्रशासन ने शहर में लगने वाली फलों और सब्जियों की रेहडिय़ों के लिए रामनगर पुल के नीचे और शिव कॉलोनी पुल के नीचे की जगह निश्चित की थी। नगर निगम ने लाखों रुपये की लागत से दोनों पुलों के नीचे रेहड़ी व फड़ी संचालकों के लिए जगह बनाई हुई है, लेकिन फिर भी रेहड़ी संचालक गलियों में रेहड़ी लगाकर सामान बेचते है। इस कारण शहर में जाम की समस्या रहती है।
नई सब्जी मंडी के रेहड़ी संचालक भी कर चुके हैं मांग
नई सब्जी में लगने वाली रेहड़ियों एवं फड़ियों के संचालक भी एक दिन हड़ताल करके शहर में जगह-जगह लगने वाली रेहड़ियों की हटाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन हड़ताल के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई खास कदम नहीं उठाया गया। नई सब्जी मंडी स्थित रेहड़ी लगाने वालों का कहना है कि शहर में रेहडिय़ां लगने से उन तक ग्राहक नहीं पहुंच पाते, जिस कारण वह अपनी रोजी रोटी कमाने में भी असमर्थ है। कई बार मार्केट कमेटी सचिव को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां पर रेहड़ियों को शिप्ट कराने को लेकर पहले भी दो बार हंगामा हो चुका है।
एक जगह रेहड़ी लगाने से नहीं चलता गुजारा
रामनगर में रेहड़ी लगाने वाले प्रदीप, देवेश, रामधारी, करतार सिंह ने बताया कि नगर निगम द्वारा निर्धारित जगह रेहड़ी लगाने से उनका गुजारा नहीं होता। रेहड़ी संचालकों का आरोप है कि सरकार द्वारा शहर की गलियों से रेहड़ी हटाकर गरीबों का रोजगार छीना जा रहा। उनका आरोप है कि एक जगह रेहड़ी लगाने से उन्हें अपने पास से ही पैसा खर्च करना पड़ता है। एक जगह रेहड़ी लगाने से ग्राहक भी कम आते हैं, जिस कारण इनकी आमदनी भी नहीं हो पाती। रेहड़ी संचालकों का कहना है कि नगर निगम गरीब लोगों को जानबूझकर तंग कर रहा है, जबकि बड़े दुकानदारों ने पूरे शहर में कब्जे कर रखे हैं, निगम उन्हें कुछ नहीं कह रहा है।
पुरानी मंडी में भी लग रही है रेहड़ियां
शहर से सब्जी मंडी तो शिफ्ट हो गई, लेकिन पुरानी मंडी में अभी भी सब्जी की दुकाने और रेहडिय़ां साफ तौर पर देखी जा रही है। यहां दुकानों के लगने के कारण नई मंडी में सामान बेच रहे रेहड़ी व फड़ी संचालकों तक कम ग्राहक पहुंचते है, इस कारण रेहड़ी-फड़ी संचालक एक दिन की हड़ताल कर चेतावनी भी दे चुके है। लेकिन फिर भी शहर में जगह-जगह अवैध रूप से लगी रेहडियां देखी जा सकती है।
शहर में कहां कहां लगती हैं अवैध रेहड़ियां
शहर की पुरानी सब्जी मंडी, कमेटी चौक, बस स्टैंड के बाहर, डाकखाना स्थित कुंजपुरा रोड, रामनगर में चार खंबा चौक, प्रेम नगर के राजकीय स्कूल के पास, शिव कॉलोनी स्थित कैथल रोड, हांसी रोड, पिंगली चौक, मीरा घाटी चौक सहित कई अन्य जगह भी फलों और सब्जी की रेहडिय़ां देखी जा सकती है।
वर्जन
जिन लोगों ने गैर-कानूनी ढंग से रास्ता रोकने व अतिक्रमण हटाओ अभियान में बाधा डालने की कोशिश की है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जो लोग अतिक्रमण करने से नहीं हटेंगे, उनके खिलाफ म्यूनिसिपल एक्ट-273 के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश किए जाएंगे, जिसमें प्रतिदिन 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
- डॉ. आदित्य दहिया, आयुक्त नगर निगम करनाल