राजेश नरवाल ने ऑपरेशन महादेव को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारी सेना के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जिस तरह आतंकियों का सफाया किया है, वह गौरव का विषय है। सुरक्षाबलों को इसके लिए सम्मान मिलना चाहिए
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन महादेव के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा और उसके दो साथियों को ढेर कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए करनाल के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने सेना की बहादुरी को सलाम किया है।
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जवानों के लिए शौर्य की बात: राजेश नरवाल
राजेश नरवाल ने कहा कि महादेव फुट हिल्स जैसे दुर्गम और घने जंगलों में छिपे आतंकियों को ढूंढ कर मारना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन भारतीय सेना ने यह कर दिखाया। उनके मुताबिक, हाशिम मूसा पाकिस्तान के एसएसजी का पैरा कमांडो रह चुका है। उसका मारा जाना भारतीय जवानों के लिए शौर्य की बात है। राजेश नरवाल ने कहा कि हमारी सेना के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जिस तरह आतंकियों का सफाया किया है, वह गौरव का विषय है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इन सुरक्षाबलों को सम्मान मिलना चाहिए, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए इस तरह की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बीच ऑपरेशन महादेव के तहत सेना ने पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत तीन आतंकियों को मार गिराया। श्रीनगर के दाचीगाम के ऊपरी क्षेत्र में हुई भीषण मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के बताए जा रहे हैं।
क्यों दिया ऑपरेशन महादेव नाम ?
श्रीनगर की महादेव चोटी जबरवान रेंज का हिस्सा है। यह क्षेत्र सामरिक और धार्मिक दोनों तरह से अहम है। चोटी जबरवान का प्रमुख शिखर है, इसे खासा पवित्र माना जाता है। लिदवास एवं मुलनार, यहां से दोनों दिखाई देते हैं। अभियान को इसलिए ऑपरेशन महादेव नाम दिया गया था।