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एसई को साथ लेकर कई ठिकानों पर की छापामारी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। रिश्वत कांड में शनिवार को पकड़े गए नगर निगम के एसई दीपक किग्गर को साथ लेकर पुलिस ने दिल्ली सहित कई ठिकानों पर छापामारी की, जहां से नौ लाख रुपये बरामद करने हैं। पुलिस का कहना है कि अभी कई खुलासे होने हैं। फिलहाल आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर लेकर जांच चल रही है। रिश्वत लेते 32 वीडियो की जांच एडीसी ने की थी। 19 वीडियो में एसई रुपये लेता नजर आ रहा है। इसके बाद ही एसई और उसके पीए विकास के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया था। अब निगम के जेई व ठेकेदारों पर भी पुलिस की नजर है।
एसई दीपक किग्गर से नौ लाख रुपये बरामद करने हैं। इसलिए पूछताछ जारी है। रिमांड के बाद ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
- मुकेश कुमार, डीएसपी मुख्यालय
डीटीपी और तहसीलदार से बरामद दस्तावेजों की जांच जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रिश्वत कांड में विजिलेंस की टीम डीटीपी विक्रम और तहसीलदार राजबख्श से बरामद दस्तावेजों की जांच में लगी है। फिलहाल पुलिस ने अन्य किसी आरोपी की गिरफ्तारी का खुलासा नहीं किया है। विजिलेंस का कहना है कि जांच की जा रही है। जबकि डीटीपी विक्रम और राजबख्श से पूछताछ में कई कॉलोनाइजर्स, कर्मचारियों व डीड राइटर्स के नाम सामने आ चुके हैं। जिनसे ये दोनों आरोपी रिश्वत लेते थे।
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स्टेट विजिलेंस ने 11 मार्च को डीटीपी विक्रम को सेक्टर-6 स्थित उसके घर से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। इस दौरान उसके ड्राइवर बलबीर को भी पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा था। तलाशी में डीटीपी के घर से 78.64 लाख रुपये भी बरामद किए थे। दोनों आरोपियों को 12 मार्च को कोर्ट में पेश कर विजिलेंस ने तीन दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ के आधार पर मामले में 14 मार्च को विजिलेंस ने तहसीलदार राजबख्श को भी गिरफ्तार किया था।
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15 मार्च को तहसीलदार राजबख्श और डीटीपी विक्रम को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तहसीलदार को एक दिन और डीटीपी को दोबारा तीन दिन के रिमांड पर लिया गया। 16 मार्च को दोबारा तहसीलदार को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर भेजा गया। तीन दिन का रिमांड पूरा होने पर 18 मार्च को विजिलेंस ने डीटीपी विक्रम को दोबारा कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया था। इसके बाद 21 मार्च को तहसीलदार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 23 मार्च को डीटीपी विक्रम को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसके बाद विजिलेंस की टीम जांच में लगी है।
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