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पीटीआई की लिखित परीक्षा संपन्न

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कोरोना संकट के लॉकडाउन के अनलॉक के दौरान मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन की अनिवार्यता के बीच हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रविवार को शहर के 20 परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच पीटीआई की लिखित परीक्षा कराई गई। इसमें पंजीकृत 2000 आवेदकों में से 1550 ने परीक्षा दी। परीक्षा केंद्रों पर स्क्रीनिंग व बायोमैट्रिक हाजिरी आदि को लेकर कुछ खामियां तो नजर आई लेकिन परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी लगातार राउंड पर रहकर परीक्षा पर नजर बनाए रहे।
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शहर के सभी 20 परीक्षा केंद्रों पर सुबह नौ बजे से ही परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह से ही सीसीटीवी, सैनिटाइजेशन आदि कराकर परीक्षा कक्षों की व्यवस्थाएं भी दुरुस्त कर दी गई थी। रविवासरीय लॉकडाउन होने के कारण सड़कों पर तो पहले से ही सन्नाटा था। बाजार भी बंद थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस भी तैनात कर दिया गया था। सुबह 11 बजे परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों का गेट खोल दिया गया। तब तक यहां लंबी लंबी लाइने लग चुकी थी। परीक्षार्थियों की सबसे पहले बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर हाजिरी दर्ज की गई, फिर थर्मल स्क्रीनिंग की गई, मास्क उतारकर प्रवेश पत्र से फोटो मिलान के बाद अंदर प्रवेश दिया गया। ओपीएस स्कूल परीक्षा केंद्र पर बायोमैट्रिक मशीन में गड़बड़ी होने, नेटवर्क स्लो होने के कारण दिक्कत आई, जिससे तय समय पर 12.30 बजे से पहले सभी परीक्षार्थियों को परिसर के अंदर ले लिया गया, लेकिन बायोमैट्रिक हाजिरी के बाद करीब एक बजे तक सभी को परीक्षा कक्ष में भेजा जा सका। कुछ अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी इंटरनेट नेटवर्क संबंधी दिक्कतें आईं। अतिरिक्त उपायुक्त अशोक कुमार बंसल, नगराधीश व परीक्षा की नोडल अधिकारी विजया मलिक, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव कुमार, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर आए अधीक्षक भारत भूषण, सहायक परशुराम, राकेश कुमार, राम निवास आदि भी लगातार परीक्षा कें द्रों का भ्रमण करके परीक्षा पर नजर बनाए रहे। नोडल अधिकारी विजया मलिक ने बताया कि 2000 को परीक्षा देनी थी लेकिन 450 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है, कुल 1550 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है।
एक परीक्षार्थी अधिक मिलने पर मची खलबली
-राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र में उस समय खलबली मच गई जब बायोमैटिक मशीन के प्रभारी ने 74 लोगों के केंद्र में प्रवेश की रिपोर्ट दी और केंद्र अधीक्षक ने 75 को प्रश्नपत्र देने की। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब गेट खोलकर निकासी की बारी आई तो बाहर जाते परीक्षार्थियों को फिर वापस बुला लिया गया। मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। पड़ताल हुई तो पाया गया कि एक परीक्षार्थी बिना बायोमैट्रिक हाजिरी लगाए और बिना थर्मल स्क्रीनिंग कराए ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गया था, उसने परीक्षा भी दे दी। आखिरकार, उस परीक्षार्थी की पहचान की गई, इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक ने लापरवाही को संभालते हुए परीक्षा के बाद बायोमैट्रिक मशीन में उपस्थिति दर्ज कराई और थर्मल स्क्रीनिंग कराई।
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-बर्खास्तशुदा पीटीआई लंबे समय से लघु सचिवालय के सामने धरने पर बैठे हैं, जो धरना तो आज भी जारी रहा लेकिन परीक्षा के समय संगठन के नेता ही बैठे दिखे। यहां बैठे संगठन के नेताओं ने यह दावा किया कि आंदोलनरत पीटीआई ने परीक्षा नहीं दी। लेकिन परीक्षा के समय वहां कहां चले गए, इस पर उन्होंने कुछ नहीं कहा।
-सभी परीक्षा केंद्रों पर टेंपरेचर नापने के लिए थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। हर केंद्र पर दो दो कक्ष भी रिजर्व रखे गए थे, लेकिन किसी का भी टेंपरेचर तय मानक से अधिक नहीं मिला, ना ही कोई सक्रमण आशंकित मिला। पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच संपन्न हुई है।
-अशोक कुमार बंसल, एडीसी करनाल।
परीक्षार्थी बोले-बहुत कठिन दे दिया गया प्रश्नमत्र, जो सिलेबस से बाहर था
-परीक्षा केंद्र में तो काफी उत्साह से गए थे, लेकिन जैसे ही प्रश्नपत्र देखा तो कुछ देर तक कुछ समझ में ही नहीं आया। पूरा प्रश्नपत्र सिलेबस से बाहर था। प्रश्न काफी हाईलेबिल के थे। इतने कठिन प्रश्न पत्र को देखकर पीटीआई परीक्षा के प्रति सरकार की मंशा जाहिर होती है।
-भीम सिंह परीक्षार्थी।
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-पीटीआई की शैक्षिक योग्यता 10वीं तक रखी गई है, तो प्रश्न पत्र भी उसी स्तर का होना चाहिए था। प्रश्नपत्र में विज्ञान, खेल, कृषि आदि विभिन्न विषयों के राष्ट्रीय स्तर के प्रश्नों के पूछा गया था। प्रश्न पत्र इतने हाई लेबिल के थे कि कई परीक्षार्थियों के पल्ले ही नहीं पड़े।
-राज कुमार, परीक्षार्थी।
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-प्रश्न पत्र को देखा तो दिमाग ही घूम गया। बहुत कठिन प्रश्नपत्र बनाया गया। शायद सरकार चाहती ही नहीं कि पीटीआई की परीक्षा में आवेदक पास हों। इसलिए सिलेबस से बाहर के प्रश्नों को शामिल करके पीटीआई बनने की राह काफी जटिल हो गई है।
-अनिल कुमार, परीक्षार्थी। (फोटो)
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-प्रश्नपत्र को सिलेबस से बाहर का तो नहीं कहा जा सकता है, लेकिन इतना जरूर है कि परीक्षार्थियों ने जितना सोचा था, उससे कहीं अधिक कठिन था। विज्ञान व खेल से संबंधित बहुत से प्रश्न शामिल किए गए, जो काफी कठिन लगे। फिर भी उत्तर तो दिए हैं, उम्मीद है अच्छा ही होगा।
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-निशा यादव, परीक्षार्थी। (फोटो)
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-देव शर्मा
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