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पति का मिला साथ तो पत्नी ने रचा इतिहास, अर्जुन अवार्ड के लिये हुआ चयन

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पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है, मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। इसे चरितार्थ किया है करनाल की बहू और हाकी खिलाड़ी दीपिका ने। यमुनानगर में जन्मी इस बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न सिर्फ करनाल का बल्कि हरियाणा और देश का भी गौरव बढ़ाया है।
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भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी दीपिका ठाकुर का नाम देश के उन 29 खिलाड़ियों में शामिल है, जिन्हें अर्जुन पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इनके नाम की सिफारिश खेल मंत्रालय की पुरस्कार चयन समिति ने किया है। उनका कहना है कि अर्जुन अवार्ड हर खिलाड़ी का सपना होता है। बचपन से ही हाथ में हॉकी थामने वाली यह बेटी आज देश के सर्वोच्च पुरस्कारों में से अर्जुन अवार्ड के लिए चयनित हुई है। यमुनानगर में जन्मी इस बेटी की शादी करनाल के विक्रम दहिया के साथ सन 2017 में शादी हुई थी। दीपिका बताती है कि पति का हर कदम पर उन्हें साथ मिला। यही वजह है कि आज वो इस मुकाम पर पहुंची हैं। उनका एक बेटा भी है जो करीब एक साल का होने वाला है। उन्होंने बताया कि वह करनाल के सेक्टर-6 में रहती हैं और यहां पर केवल जिम ही करती हैं। दीपिका पंजाब के कपूरथला में चीफ सुपरीटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं और वहीं पर हॉकी का अभ्यास करती हैं।
शौकिया हॉकी खेलना किया था शुरू
उन्होंने बताया कि करीब 15 साल पहले स्कूल में शौकिया तौर पर हॉकी खेलना शुरू किया था। धीरे धीरे इसी में रुचि बढ़ती गई। कोच और परिवार का साथ मिला तो हॉकी को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया। खेल और पढ़ाई दोनों को एक साथ बखूबी निभाया। हॉकी में मेहनत का परिणाम है कि प्रधानमंत्री भी सराहना कर चुके हैं।
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पति ने सबसे पहले फोन पर दी बधाई
उन्होंने बताया कि उनके पति दिल्ली के सम्राट होटल में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। अर्जुन अवार्ड के लिये नाम चयन हुआ तो उसकी सूचना सबसे पहले उन्होंने ही दी। दीपिका की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने उपलब्धि का श्रेय भी पति, ससुराल और मायके के परिवार को दिया, जिन्होंने उन्हें हमेशा ना केवल खेलने के लिए सहयोग दिया, बल्कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने के लिए प्रेरित किया।
तीन जिम्मेदारियों को निभा रही एक साथ
हॉकी खिलाड़ी दीपिका रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में चीफ सुपरीटेंडेंट के पद पर 2007 से कार्यरत हैं। पहले केवल नौकरी के साथ ही खेला करती थीं, अब शादी होने के बाद वह खेल, जॉब और शादीशुदा जिंदगी अच्छे से निभा रही हैं। दीपिका का कहना है कि हर हाल में खुद को एडजेस्ट करना ही हरियाणवी की पहचान है। यमुनानगर में रही, पंजाब में नौकरी और करनाल में ससुराल सब एक साथ संभाला है। 2017 से उन्हें अर्जुन अवार्ड मिलने की उम्मीद थी, जो इस साल पूरी होने जा रही है।
टीम में वापसी का है इंतजार
दीपिका ने बताया कि उनके परिवार में मम्मी ज्ञानती देवी हैं। एक बड़ी बहन हैं और एक छोटा भाई। पिता के स्वर्गवास के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी माता पर आ गई। दीपिका ने बताया कि बेटे के जन्म के बाद वह करीब एक साल से टीम से बाहर हैं। अब उनका लक्ष्य टीम में वापसी करना है।
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ये हैं दीपिका की उपलब्धियां
2009 रूस चैंपियन लीग गोल्ड, थाईलैंड एशिया कप सिल्वर, 2010 जर्मनी नेशन टूर्नामेंट ब्रांज, एशियन चैंपियन ट्रॉफी कोरिया ब्रांज, 2011 टेस्ट मैच सीरिज आस्ट्रेलिया सेकेंड पोजिशन, 2012 टेस्ट मैच सीरिज इंडिया विनर, एफआईएस ओलंपिक क्वालीफाई सिल्वर, 2013 एशियन चैंपियनशिप जापान सिल्वर, वोमेन एशिया कप मलेशिया सिल्वर, 2014 एशियन गेम्स कोरिया ब्रांज, टेस्ट सीरिज इटली विनर, 2015 टेस्ट मैच सीरिज स्पेन विनर, एफआईएच लीगेज राउंड विनर, 2016 एसएएफ गेम्स गुवाहाटी गोल्ड, एशिनय चैंपयिनशिप सिंगापुर गोल्ड, 2017 वुमन हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल कनाडा विनर, 2018 एशियन चैंपियनशिप ट्रॉफी कोरिया सिल्वर, एशियन गेम इंडोनेशिया सिल्वर जीत चुकी है।
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