करनाल। निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने संपत्ति कर शाखा के साथ बैठक में बुधवार को एनडीसी पोर्टल पर आने वाली प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित त्रुटियों के निदान के लिए कर्मचारियों की संख्या को बढ़ा दिया है। हालांकि शाखा के अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल पर आई नई आईडी बनाने संबंधित कुल 2300 आपत्तियों में 1900 का समाधान कर दिया गया है। अब सिर्फ 400 आपत्तियां ही शेष बची हैं।
निगमायुक्त ने बताया कि आपत्तियों को दो स्तर में बांटा गया है एक मेकर यानी जल्द बनी आईडी में त्रुटियों से संबंधित, दूसरे चेकर यानी उन्हें चेक करके सत्यापन व अनुमोदित करने के स्तर में। अब कुल आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण करने के लिए 37 लिपिकों, आशुलिपिक व सहायक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त नई प्रॉपर्टी आईडी बनाने के लिए भी चार लिपिक लगाए गए हैं। आपत्ति का समाधान मेकर व चेकर दोनों स्तर पर तेजी के साथ करने को कहा गया है।
नायब तहसीलदार, कानूनगो व पटवारी को निर्देश दिए कि श्रेणी व क्षेत्र परिवर्तन से संबंधित आपत्तियों के समाधान के लिए फील्ड भ्रमण अवश्य करें, ताकि सही डाटा दर्ज किया जा सके। ऐसी आपत्तियों को शनिवार तक निपटाने का लक्ष्य दिया। नई प्रॉपर्टी आईडी के मामले निपटाने में ओर तेजी लाने के भी एटीपी संदीप राठी को निर्देश दिए। बैठक में नोडल अधिकारी व अतिरिक्त आयुक्त गौरव कुमार, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अंकुश पराशर, कर अधीक्षक गगनदीप सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
खुद सत्यापित करें प्रॉपर्टी आईडी, मिलेगी बिल में छूट
निगमायुक्त ने बताया कि नागरिक एनडीसी पोर्टल पर अपनी संपत्ति कर आईडी डालकर उसे कोई भी खुद सत्यापित कर सकता है। जैसे ही इसमें डिटेल आएगी, उसे ध्यान से पढ़ने के बाद, जो ठीक दिखाई दे, उसे यस करें, जो ठीक न हो, उसमें नो करके साथ-साथ आपत्ति डाल दें, डाले गए आपत्ति का समाधान हो जाएगा। उन्होंने अपील की है कि लोग स्वयं अपनी आईडी को स्वयं सत्यापित कर लें। इसमें एक फायदा यह भी है कि ऐसा करने के बाद आईडी संबंधित व्यक्ति ही देख सकता है, अन्य कोई दूसरा व्यक्ति नहीं देख सकता। ऐसा करने पर सरकार की ओर से जल्द ही चालू वित्त वर्ष के बिलों पर 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। लोगों को स्वयं सत्यापित करने के प्रति जागरूक करने के लिए शहर की मुख्य-मुख्य जगहों पर बैनर लगाने के भी निर्देश दिए।
संपत्ति आकलन के लिए 12 हजार नोटिस बांटे
निगमायुक्त ने बताया कि निगम के अधीन सभी वाणिज्यिक, आवासीय एवं खाली प्लॉटों के एसेसमेंट नोटिस बांटे जा रहे हैं, अब तक करीब 12 हजार नोटिस बांटे जा चुके हैं। कर अधीक्षक को निर्देश दिए कि 31 अगस्त तक ऐसे नोटिस सभी हाउस होल्ड में वितरित कर दिए जाएं। सभी नोटिस को संबंधित व्यक्ति अच्छे से जांच कर लें। यदि किसी की प्रॉपर्टी आईडी. में डाटा की त्रुटि पाई जाती है, तो वह नोटिस पर ही सही डाटा लिख दें। संबंधित दस्तावेज भी साथ लगाने होंगे। ऐसे नोटिस को संबंधित पार्षद या आरडब्ल्यूए को दे दें, निगम की टीम उनसे एकत्र करेगी। इसके बाद उनका टैक्स शाखा की ओर से प्रॉपर्टी आईडी में सही डाटा दर्ज कर दिया जाएगा। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन सरकारी विभागों या कार्यालयों की नई प्रॉपर्टी आईडी अभी तक नहीं बनी है, उसे तुरंत प्रभाव से बनाया जाए। इससे कार्यालय अपना संपत्ति कर देख सकेंगे और उसे जमा करवाने के लिए अपने मुख्यालय से धनराशि की मांग कर सकेंगे।