माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में कई निजी स्कूलों ने बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए 15 से 20 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी है। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। नियमों के अनुसार किसी भी निजी स्कूल को फीस बढ़ाने से पहले फार्म-6 भरकर शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी देना अनिवार्य होता है। जबकि ज्यादातर स्कूलों ने यह फार्म भरा ही नहीं है। इसके बावजूद अधिकांश स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस बढ़ा दी है।
अभिभावकों का कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बढ़ी हुई फीस के नोटिस थमा दिए गए। कई स्कूलों ने साफ कर दिया है कि यदि समय पर फीस जमा नहीं कराई गई तो बच्चों का नाम काट दिया जाएगा या उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। इस दबाव के चलते अभिभावक मजबूरी में बढ़ी हुई फीस जमा कराने को विवश हैं। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि बिना फॉर्म-6 जमा किए फीस बढ़ाने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अभिभावकों को राहत दी जाए।
7.41 प्रतिशत से ज्यादा नहीं बढ़ा सकते फीस
सहोदय स्कूल कॉंप्लेक्स के अध्यक्ष डॉ. राजन लांबा ने बताया कि निर्णय के अनुसार कोई भी निजी विद्यालय अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की फीस में 7.41 प्रतिशत से अधिक वृद्धि नहीं कर सकता। नए विद्यार्थियों के दाखिले में हो सकता है कुछ स्कूलों में मद बढ़ाए हों लेकिन बिना फार्म-6 भरे फीस में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। बढ़ती महंगाई, शिक्षकों के वेतन और अन्य संचालन संबंधी खर्चों के चलते फीस बढ़ाना आवश्यक हो जाता है, तो उसकी जानकारी देना अनिवार्य है।
ऑनलाइन पोर्टल पर ही स्वीकार होंगे आवेदन
विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फार्म-6 की अर्जी लिंक के माध्यम से डाउनलोड करके भरनी होगी। स्कूलों को अपने पुराने एमआईएस यूजरनेम और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करना होगा। यदि कोई तकनीकी समस्या आती है, तो विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 और ईमेल form6ps2026gmail.com भी जारी किया है। फार्म-6 : स्कूल केवल पंजीकरण, दाखिला (पहली, छठी, नौवीं और 11वीं), बोर्ड परीक्षा और फार्म में घोषित समग्र फीस ही ले सकेंगे। परिवहन, हॉस्टल, खाना और टूर जैसी सुविधाओं के लिए फीस केवल उन्हीं छात्रों से ली जाएगी जो इन सेवाओं का विकल्प चुनेंगे।
वर्जन:
फॉर्म-6 भरना सभी निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य है। यदि कोई स्कूल बिना अनुमति फीस बढ़ाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों को चाहिए कि वे इस प्रकार के मामलों की शिकायत विभाग को दें, ताकि जांच कर उचित कदम उठाए जा सकें। - रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी