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तीसरी लहर से पहले स्वास्थ्य सेवाएं पुख्ता करने की तैयारी, ताकि काबू में आए महामारी

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हेल्थ विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर की आशंका भी जता चुके हैं। मगर दूसरी लहर की ही स्थिति देखें तो हरियाणा में मौजूदा अपर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से कोरोना ने प्रदेश में कोहराम मचा रखा है। इस बार यह वायरस लोगों की सांसों पर भारी पड़ा। वायरस ग्रस्त मरीजों में अचानक ऑक्सीजन लेवल कम हुआ और ज्यादा हालत बिगड़ने पर उनकी जान तक चली गई। इसी वजह से दूसरी लहर में प्रदेश के हर जिले में मरने वाले कोविड मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा दर्ज हुई।
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जीटी बेल्ट के छह जिलों अंबाला, कुुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत और यमुनानगर की बात करें तो इन जिलों में कोरोना की वजह से रोजाना औसतन 32 से अधिक लोगों की जानें जा रही हैं और 1900 से अधिक नए संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। पिछले एक महीने से हालात ज्यादा खराब बने हुए हैं। मरीजों के खराब हालात के चलते जिलों में बनी आपातकालीन स्थिति ने हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर, वेंटिलेटर, दवाओं, इंजेक्शन व बेड के लिए बेहद भटकना पड़ रहा है।
जीटी बेल्ट के छह जिलों की आबादी और मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं को देखें तो करीबन डेढ़ हजार लोगों पर एक वेंटिलेटर व ऑक्सीजन बेड उपलब्ध है। ग्रामीण अंचलों के हालात तो बहुत ज्यादा खराब हैं। वहां न तो ऑक्सीजन बेड हैं, न वेंटिलेटर सुविधा और न ही आईसीयू की व्यवस्था। ग्रामीण अंचलों के इमरजेंसी मरीजों के लिए तो इलाज के साथ-साथ शहर के सरकारी अस्पतालों तक कई किलोमीटर का लंबा सफर तय कर पहुंचना ही बड़ी आफत बन हुआ है।
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मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और महामारी की विकट बनी परिस्थितियों को देखते हुए हरियाणा ज्यादा सतर्क हो गई है। प्रदेश सरकार संभावित कोरोना की तीसरी लहर से पहले अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को और ज्यादा पुख्ता बनाना चाहती है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य महकमे के आला अफसरों को निर्देश दे दिए हैं। सरकार चाहती है कि अगली लहर से पहले प्रदेश की करीब 2.55 करोड़ की आबादी को टीके की दोनों डोज लग जाए और इसके लिए तेजी से प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसके अलावा भी स्वास्थ्य संबंधी कई नई कार्ययोजनाओं पर भी काम चल रहा है। ताकि किसी भी तरह प्रदेश में इस महामारी पर काबू पाया जा सके।
इस तरह मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
- प्रदेश में टीके की कमी न हो, इसके लिए विदेशों से टीका मंगवाने की तैयारी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इसके लिए ग्लोबल टेंडर जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
- मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अंचलों में कोविड लक्षण वाले मरीजों को तलाशने व उनकी जांच करवाने के इरादे से एक हजार टीमें फील्ड में उतारने के निर्देश दिए हैं।
- प्रदेश के सभी गांवों में कोविड केयर सेंटर बनाए जाएंगे, घर-घर पहुंचेंगी टीमें
- स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट की कमान सेना व अर्धसैनिक बलों को देने की मांग कर रहे हैं और सेना से मदद लेने की तैयारी चल रही है।
- हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में 60 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाने पर काम शुरू कर दिया गया है।
- कोरोना मरीजों का अब आयुर्वेद से भी इलाज हो। इसके लिए टेलिमेडिसिन सेवा की शुरूआत की गई है। 1075 नंबर जारी किया है। जिस पर लोग कॉल कर आयुर्वेद से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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- पानीपत और हिसार में 500-500 बेड के कोविड अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं। डीआरडीओ इसमें मदद करेगी।
- गुरुग्राम में 100 बेड के फील्ड अस्पताल और 300 बेड के कोविड केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं।
- सभी जिलों में धर्मशालाओं, सामुदायिक केंद्रों व अन्य सभागारों में बेड लगाकर उन्हें भी कोविड केयर केंद्रों में तब्दील किया जा रहा है।
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