माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था सुविधा के बजाय लोगों के लिए समस्या अधिक बन गई है। प्रॉपर्टी आईडी नंबर दर्ज करने के बाद भी पोर्टल गलत लोकेशन उठा रहा है। ऐसे में दस्तावेज अपलोड करने के बाद भी लोगों का रजिस्ट्री के लिए टोकन नहीं कटता। सबसे ज्यादा परेशानी सेक्टर और प्राइवेट टाउनशिप की रजिस्ट्री में आ रही है। पोर्टल की खामियों के कारण इन क्षेत्रों की रजिस्ट्री फंस गई है। लोग परेशान हैं।
पेपरलेस रजिस्ट्री के पोर्टल में खामियां इस कदर हैं कि नया पोर्टल शहर की भौगोलिक स्थिति को ही समझ नहीं पा रहा है। जिस जगह की प्रॉपर्टी आईडी दर्ज की जाती है, पोर्टल उससे चार कॉलोनी दूर की लोकेशन उठाता है। ऐसे में कॉलोनी और क्षेत्र का नाम व नंबर अलग आने से पोर्टल पर टोकन नहीं कटता। किसी पुरानी रजिस्ट्री में नंबर गलत मिलता है तो कहीं पुराने वारिसों की रिपोर्ट में दिक्कत है।
हालांकि नए पोर्टल के लॉन्च होने के 12 दिन बाद स्थिति में थोड़ा सुधार जरूर आया है। पहले जहां दिन में एक या दो रजिस्ट्री ही हो पाती थीं वहीं बुधवार को नौ रजिस्ट्री हुईं। ऐसे में तहसील के कर्मचारियों को भी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थिति में और सुधार आएगा। पोर्टल को अपडेट करने का कार्य निदेशालय स्तर पर जारी है। जिले में नए पोर्टल से अब तक करीब 42 रजिस्ट्री हो चुकी हैं।
अव्यवस्था के कारण अटका 30 करोड़ का राजस्व
पेपरलेस व्यवस्था में लोगों के कागजी प्रक्रिया में उलझने के कारण पुरानी व्यवस्था के मुकाबले महज एक प्रतिशत ही रजिस्ट्री हो पा रही हैं। ऐसे में जनता को तो परेशानी झेलनी पड़ रही है वहीं सरकार का भी पिछले 12 दिनों में करीब 30 करोड़ रुपये का राजस्व अटक गया है। प्रदेश सरकार की ओर से एक नवंबर को पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की गई थी। तब से रजिस्ट्री होने की संख्या बहुत कम हैं। पहले रोजाना पूरे जिले में 250 रजिस्ट्री होती थीं।
ये आ रही हैं समस्याएं
- रजिस्ट्री आवेदन करते समय प्रक्रिया के बीच में देरी पर फाइल रिजेक्ट हो रही है।
- ऑनलाइन पंजीकरण के बाद उपभोक्ता अपाॅइंटमेंट स्लॉट बुक करने में भी देरी कर रहे हैं।
- लोग जब फाइल को ऑनलाइन सबमिट करते हैं, तो अधूरे दस्तावेज पाए जा रहे हैं।
- अधिकतर ऑब्जेक्शन में आधार कार्ड व नगर निगम की प्रॉपर्टी आईडी नहीं मिल रही।
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पोर्टल को निदेशालय स्तर पर अपडेट किया जा रहा है। पहले से काफी सुधार आया है। बुधवार को नौ रजिस्ट्री करनाल तहसील में हुईं। कुछ रजिस्ट्री में लोकेशन और प्रॉपर्टी आईडी संबंधित समस्याएं हैं। उम्मीद है जल्द इस दिक्कत का भी समाधान हो जाएगा। - राजेश खुराना, नायब तहसीलदार करनाल