संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रात की सर्दी लोगों की सेहत पर असर डालने लगी है। तापमान गिरते ही बुजुर्गों और पुराने मरीजों की घुटनों और कमर दर्द की तकलीफ फिर उभर आई है। जिला नागरिक अस्पताल की ऑर्थो ओपीडी में रोजाना 25 से 30 मरीज सिर्फ जोड़ों से जुड़ी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। अस्पताल की कुल ओपीडी अब 250 के करीब पहुंच चुकी है।
नागरिक अस्पताल के ऑर्थो सर्जन डॉ. सौरभ ने बताया कि दिन-रात का तापमान तेजी से गिरने के कारण शरीर की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है। इससे जोड़ों में अकड़न, सूजन और दर्द बढ़ जाता है। ठंड में जोड़ों के बीच का लुब्रिकेंट यानी तरल द्रव्य गाढ़ा हो जाता है, जिससे हड्डियों में घर्षण बढ़ता है और चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस और कमर दर्द के पुराने मरीजों को इस मौसम में विशेष सावधानी रखनी चाहिए
- बुजुर्गों के लिए सबसे कठिन मौसम
डॉ. सौरभ के अनुसार बुजुर्गों में हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों की लचीलापन कम होने से सर्दी में दर्द ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे कई मरीज सामने आ रहे हैं जिन्हें सुबह उठने, बैठने या सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में दिक्कत हो रही है। कई मरीजों में जोड़ों में सूजन और हल्का बुखार जैसी स्थिति भी देखने को मिल रही है।
- दिनभर ओपीडी में भीड़, मरीजों की बढ़ी कतारें
अस्पताल की ओपीडी में दिनभर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में जोड़ों के दर्द वाले मरीजों की संख्या 20 से 25 फीसदी तक बढ़ी है। इनमें ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र से हैं, जो सुबह-सुबह खेतों में काम करते हैं या लंबे समय तक ठंडे माहौल में रहते हैं।
- शरीर को गर्म रखें, सक्रिय रहें
डॉ. सौरभ ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए शरीर को गर्म रखना जरूरी है। गुनगुने पानी से स्नान करें, गर्म कपड़े पहनें, और रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक एक ही जगह बैठे या लेटे रहने से बचें। सुबह की सैर से पहले हल्का वार्मअप करें और धूप में कुछ समय बिताना भी फायदेमंद रहेगा।