जब आईजी भारती अरोड़ा करनाल जिले की एसपी थीं। उन दिनों करनाल पुलिस ने प्रोफेशनल नाकाबंदी को लेकर एक शॉर्ट फिल्म बनाई थी ताकि पुलिस का हर जवान अपनी ड्यूटी को अच्छे तरीके से करे और जब नाके पर तैनात हो, तो आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति उनके हाथ से बच न पाए। अब 15 साल बाद फिर इसी शॉर्ट मूवी को प्रसारित कर करनाल के जवानों को नाकाबंदी में प्रोफेशनल बनाया जाएगा। पंजाब में नाके पर तैनात पुलिसकर्मी का हाथ काटने जैसी घटना यहां न हो, इसलिए करनाल रेंज की आईजी भारती अरोड़ा ने जवानों को यह फिल्म दिखाने का निर्णय लिया है। करनाल रेंज के करनाल, कैथल और पानीपत जिले में 150 नाकों पर सैकड़ों जवान लॉकडाउन के दौरान हुई नाकाबंदी कर 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं, इनका सुरक्षित और स्वस्थ रहना जरूरी है। पुलिस अधिकारियों के माध्यम से सभी जवानों को यह फिल्म दिखाई जाएगी।
45 मिनट की फिल्म में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के विचार
2005 में बनी यह फिल्म 45 मिनट की है। इसमें कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हनीफ कुरैशी, राव अनिल कुमार, आईजी भारती अरोड़ा, सुखदेव सिंह व ओमप्रकाश के भी विचार हैं। आईजी के रीडर एसआई बलवान सिंह के अनुसार फिल्म में नाकाबंदी की पोजिशन दर्शायी है। उन्होंने बताया कि नाके में स्टॉप पार्टी, सर्चिंग पार्टी और कवरिंग पार्टी के जवान किस पोजिशन में खड़े होते हैं व कैसी उनकी कार्यशैली होती है यह सब कुछ दिया है। नाके पर खड़ी पुलिस की गाड़ी में ड्राइवर भी सीट पर व एक्टिव पोजिशन में होना चाहिए।
हमनें देख ली, अब जवानों को दिखाएंगे
डीएसपी करनाल राजीव कुमार ने बताया कि जिले के सभी डीएसपी ने फिल्म देख ली है। सीडी उपलब्ध हो चुकी है। ऊपर से नीचे तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फिल्म के माध्यम से नाकाबंदी की ब्रीफिंग दी जाएगी। अगर मोबाइल वर्जन तैयार हुआ तो मोबाइल पर भी दिखाएंगे।
पुलिस के जवानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की हमें चिंता है। जवान बहादुरी और निष्ठा के साथ ड्यूटी कर रहे हैं। इन्हें नाकाबंदी के हर पहलू की जानकारी हो और कोई आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति वारदात को अंजाम न दे सके, इसलिए सभी को 2005 में प्रोफेशनल नाकाबंदी पर बनी फिल्म दिखाने का निर्णय लिया है। -भारती अरोड़ा, आईजी, करनाल रेंज।