दुष्कर्म के आरोप में घिरे फैक्टरी मालिक से पुलिस वालों ने समझौता कराने के नाम पर दस लाख रुपये की डील कर ली। तीन लाख रुपये पीड़ित महिला को देकर कार्रवाई को दबा दिया गया और सात लाख रुपये खुद हजम कर गए। मामला संज्ञान में आने पर एसपी लोकेंद्र सिंह ने इस मामले में सिटी थाने के एएसआई राज कुमार राणा, महिला एएसआई सुदेश रानी और पूंडरी थाने के हेडकांस्टेबल दलबीर सिंह को निलंबित कर दिया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश जारी किए गए हैं।
फैक्टरी के मालिक सुशील लाला पर 27 अगस्त की रात महिला को काम के बहाने बुलाकर दुष्कर्म का आरोप है। जिसकी शिकायत महिला ने थाना सिटी थाने में दी। जिसकी जांच महिला एएसआई सुदेश रानी और एएसआई राजकुमार राणा को सौंपी गई। उक्त दोनों कर्मचारियों ने केस दर्ज करने की बजाए सुशील लाला से 10 लाख रुपये में डील की और उक्त महिला को तीन लाख रुपये देकर मामला रफादफा कर दिया। इस पैसे का लेन-देन पट्टी अफ्गान निवासी महिला एएसआई सुमन के पति धर्मबीर के माध्यम से हुआ। यही नहीं 27 अगस्त को पीड़ित महिला ने एक शिकायत एसएचओ सिटी को भी दी थी। एसएचओ सिटी ने उक्त दोनों कर्मचारियों को मामले की जांच सौंपी। दोनों ने इसे लंबित रखते हुए 28 अगस्त को दोनों पक्षों को बुला कर मूल शिकायत वापस कर दूसरी शिकायत लिखवा ली। धर्मवीर, सतीश त्यागी को बीच में डालकर समझौता करवा दिया। जिसमें सुशील इस मामले में पूंडरी थाने में तैनात हेडकांस्टेबल दलबीर सिंह के पास भी गया। दलबीर की भी मामले में भूमिका संलिप्त पाई गई। इस मामले में पुलिस कर्मचारी सुदेश व राजकुमार ने महिला विरुद्ध अपराध को लटका कर समझौता करवाना पाया गया। जिस कारण नियमानुसार कार्रवाई की जाए। डीएसपी दिलीप सिंह की शिकायत पर पुलिस ने थाना सिटी में कार्यरत एएसआई राजकुमा राणा, महिला एएसआई सुदेश रानी और पूंडरी थाने में कार्यरत हेडकांस्टेबल दलबीर सिंह अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में धारा 166ए व 120 बी के तहत केस दर्ज किया गया। जिसमें डीएसपी ने अपनी शिकायत में बताया कि एक सूचना के बाद इस मामले में जांच की गई थी। सूचना में बताया गया था कि एक महिला को ब्लॉक फैक्टरी मालिक सुशील ने 27 अगस्त की रात को काम के बहाने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।