प्लॉट नहीं मिलने पर रजिस्ट्री की कॉपी फूंकी
- फोटो : अमर उजाला
सरकार ने वर्ष 1975 में इंदिरा आवास योजना के तहत गांव पुंडरी के ग्रामीणों को 100-100 गज के प्लॉटों की रजिस्ट्रियां तो बनाकर दे दी, लेकिन आज तक कब्जा नहीं दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया और रजिस्ट्रियों की फोटोकॉपी फूंकी। ग्रामीणों का कहना है कि वे सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
मंगलवार को पुंडरी के पीड़ित परिवार आप कार्यकर्ता जेपी शेखपूरा के नेतृत्व में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय पहुंचे। नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने बीडीपीओ कार्यालय के बाहर रजिस्ट्रियों की फोटोकॉपी फूंकी। ग्रामीण विनोद कुमार, राजपाल, माया देवी का कहना है कि सरकार ने 1975 में इंदिरा आवास योजना के तहत गांव के 35 परिवारों के मुखियाओं को 100-100 गज के प्लॉट देने की घोषणा की थी। सरकार ने अपनी घोषणा पूरी करते हुए 35 लोगों के नाम प्लाटों की रजिस्ट्रियां भी बनवा दी थी, लेकिन किसी भी व्यक्ति को प्लॉट नहीं दिए गए।
इसको लेकर अधिकारियों से भी बातचीत की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों का कहना है कि इन रजिस्ट्रियों को बने 40 साल बीत चुके हैं। इस समस्या को लेकर वे बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे हैं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने चेताया कि यदि विभागीय अधिकारियों ने उनकी समस्या का हल किया कि तो वे उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
क्या बोले सरपंच
गांव के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह का कहना है कि वे प्लॉटों के संबंध में बीडीपीओ से मिले थे। बीडीपीओ रजिस्ट्री, इंतकाल व अन्य कागजात के साथ फाइल जमा करवाने की बात कही है और प्लाट अलॉट किए जाने का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की फाइलें पूरी करवाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएंगी, ताकि उनको उनका हक मिल सके।
गांव पुंडरी के ग्रामीण प्लॉटों की समस्या को लेकर कार्यालय में पहुंचे थे। हालांकि उन्होंने पहले इस समस्या के बारे में सूचित नहीं किया था और न ही कोई ठोस कागजात दिखाए हैं। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए उन्हें उचित कागजात की फाइल जमा करवाने के लिए कहा गया है। यदि ग्रामीण फाइल जमा करवाते हैं तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- राजेश कुमार, बीडीपीओ