कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए मंगलवार को स्थानीय अधिकारियों ने भारत सरकार को आवेदन किया है। अब सरकार इस आवेदन को एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) को भेजेगी और वहां से एक टीम कॉलेज का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
इस विजिट से पहले स्थानीय अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग तैयार करके रखना होगा। मौजूदा समय में कॉलेज की ओपीडी और अस्पताल बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है और कक्षा लगाने के लिए बिल्डिंग पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि 30 सितंबर 2016 तक मेडिकल कॉलेज को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज चल रहा है, लेकिन इसमें भारी खामियां है। डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ भी पूरा नहीं है। इस कारण मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पाता। वर्ष 2012 में मेडिकल कॉलेज का शुरू हुआ निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
ओपीडी, अस्पताल की बिल्डिंग तैयार हैं। विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस मेडिकल कॉलेज जल्द जनता को समर्पित होने वाला है। बिल्डिंग को जिन सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है यदि वह सभी सुविधाएं जनता को मिलेगी तो यह यह आसपास के क्षेत्र के लिए संजीवनी का काम करेगा। 800 बेड का मेडिकल कॉलेज उद्घाटन के इंतजार में हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसी साल सभी बिल्डिंग बन जाएंगी और वर्ष 2017 में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। हालांकि आईएसमी से अप्रूवल नहीं मिलने के कारण ही डॉक्टरों की कमी होने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
अंतिम चरण में पहुंचा निर्माण कार्य
अंतरिक्ष परी कल्पना चावला के नाम पर करनाल में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात 18 नवंबर 2012 को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दी थी। उन्होंने रैली कर इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 650 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। 25 माह के अंदर इसका निर्माण पूरा करना था। लेकिन कंपनी की लेटलतीफी के कारण यह आज तक भी पूरा नहीं हो पाया है। इस कंपनी ने इसका ठेका लिया था उसको लेटलतीफी के कारण रद्द भी कर दिया था। दोबारा नए सिरे से मेडिकल कॉलेज निर्माण के टेंडर करवाए गए हैं। अब जेएमसी प्रोजेक्टस इंडिया लिमिटेड कंपनी को टेंडर दिया गया है। कार्य अब अंतिम चरण में है।
ओपीडी के पांच और अस्पताल के बनाए छह फ्लोर
बिल्डिंग में हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। ओपीडी की बिल्डिंग में पांच फ्लोर बनाए गए हैं, जबकि अस्पताल की बिल्डिंग छह फ्लोर की है। यह कॉलेज सीएम सिटी के अलावा आसपास के जिलों के लिए भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस क्षेत्र के लोगों को मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं पीजीआई और रोहतक में ही मिलती है। करनाल में बेहतर मशीनरी के साथ कॉलेज शुरू होने पर चंडीगढ़ व रोहतक नहीं जाना पड़ेगा। समय पर लोगों को बेहतर इलाज मिल पाएगा। मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में स्टाफ का भारी टोटा है।
वर्जन
कॉलेज की मान्यता के लिए मंगलवार को भारत सरकार को आवेदन कर दिया है। सरकार आवेदन को एमसीआई को भेजी और वहां की टीम निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाएगी। इस रिपोर्ट के बाद ही उन्हें मान्यता मिल पाएगी। वर्ष 2017 में कक्षाएं शुरू करवा दी जाएंगी।
- डॉ. सुरेंद्र कश्यप, डायरेक्टर, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल।