करनाल। घटिया पनीर, खोया, दही आदि खाद्य सामग्री बेचने वाले 32 लोगों पर एडीएम (एडीसी) की कोर्ट ने 6.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें वह खाद्य सामग्री भी शामिल है जिस पर उस सामग्री के बनाने की तारीख नहीं थी। जिनकी कंपनी अलग थी, जिनपर बैच नंबर नहीं थे। इस कार्रवाई से जिले के मिष्ठान भंडार संचालकों में हड़कंप मच गया है। यह चार महीने के दौरान लिए गए सैंपलों पर कार्रवाई हुई है, हालांकि विभाग द्वारा खाद्य सामग्री के 200 सैंपल लिए गए थे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि खाद्य सामग्री के सैंपल लेने की प्रक्रिया चल रही है। एक सैंपल सरसों के तेल का भी था। जिसे दुकानदार बेच रहा था। उसकी पैकिंग पर न तो उसका बैच नंबर था न ही उसे बनाने की तारीख लिखी हुई थी। इसकी प्रकार मिस ब्रांड, सब स्टैंडर्ड के सैंपलों पर कोर्ट द्वारा जुर्माना लगाया गया है।
मोबाइल वैन ने लिए सात सैंपल
जिले में पिछले महीने मोबाइल वैन सभी 6 कस्बों में गई और वहां पर सात खाद्य सामग्री के सैंपल लिए। यह मोबाइल वैन 12 जुलाई से करनाल शहर में उतरी थी। इसके बाद वह कुंजपुरा, घरौंडा, तरावड़ी, नीलोखेड़ी, निसिंग होते हुए 30 जुलाई को करनाल ग्रामीण क्षेत्र में पहुंच गई थी। 31 जुलाई तक मोबाइल वैन ने लोगों के कहने पर सैंपल लिए। इनकी रिपोर्ट आना बाकी है।
फिर भी नहीं मान रहे मिलावट खोर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा हर साल खाद्य सामग्री के सैंपल लिए जाते हैं और सैंपल फेल होने पर उन दुकानदारों पर जुर्माना भी लगता है लेकिन दुकानदार फिर भी मिलावट से बाज नहीं आते। इसके बाद भी दुकानों पर कम गुणवत्ता व मिलावटी सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है।
बारिश के सीजन में खुले में बिक रहे घेवर व फिरनी
मानसून सीजन चला हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार इस मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है और लोग जल्दी बीमार हो जाते हैं इसके बावजूद प्राइवेट गाड़ियों में सड़क के किनारे खुले में धड़ल्ले से घेवर व फिरनी बिक रही है, क्योंकि यह घेवर व फिरनी का सीजन चल रहा है।
कौन सी सामग्री कितने दिन चलती है
लड्डू- 30 दिन
रसगुल्ला- 7 दिन
कलाकंद -1 दिन
-विभाग द्वारा निरंतर खाद्य सामग्री के सैंपल लिए जाते हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा इस बार 32 सैंपल फेल होने पर 6.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इससे अलग लोगों से भी अपील है कि वह खुले में बिक रही खाद्य सामग्री का सेवन न करें यदि उन्हें किसी खाद्य सामग्री में मिलावट आदि की आशंका होती है तो विभाग को सूचना दें ताकि वहां जाकर उस खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर जांच की जा सके।
-डॉ. संदीप कादियान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, करनाल