करनाल। नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए अब तस्करों को पकड़ने के साथ उनकी आर्थिक कमर तोड़ने की तैयारी है। हरियाणा में अब तक 12 ड्रग कार्टेल चिह्नित किए जा चुके हैं, जबकि नशे से अर्जित संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी तेज की गई है। सितंबर 2026 तक करीब 19.52 करोड़ रुपये की नकदी और संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा 15.09 करोड़ रुपये की संपत्तियों के मामले सक्षम प्राधिकारी दिल्ली के विचाराधीन हैं। दिसंबर 2026 तक 30 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
शुक्रवार को लघु सचिवालय में एनकॉर्ड की बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया ने स्पष्ट किया कि नशे की रोकथाम के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। एडीसी ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। एडीसी ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन के लिए हरियाणा को श्रेणी-ए में रखा गया है। इसके ढांचे को मजबूत करने और पूरी क्षमता से संचालन के लिए मार्च 2027 तक का समय निर्धारित किया गया है। बैठक में एसपी करन गोयल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी पर रखी जाएगी नजर
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में विशेष साइबर सेल विकसित की जा रही है। यह सेल डार्कनेट, क्रिप्टोकरेंसी और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली गतिविधियों पर नजर रखेगी। इसके लिए जुलाई 2026 से साइबर विशेषज्ञ को सलाहकार नियुक्त किया गया है। सेल दिसंबर 2026 तक पूरी तरह कार्यशील हो जाएगा।
50 एनडीपीएस मामलों की हो रही निगरानी
एडीसी ने बताया कि सितंबर 2026 तक प्रदेश में 50 महत्वपूर्ण एनडीपीएस मामलों को चिह्नित कर अभियोजन निदेशालय के साथ उनकी निगरानी की जा रही है। इन प्रयासों के तहत एक महत्वपूर्ण मामले में 14 साल की कैद और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा भी सुनिश्चित कराई गई है। वहीं, आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत 2026 में अब तक 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जनवरी 2026 से मार्च 2027 तक ऐसे 70 लोगों को हिरासत में लेने का लक्ष्य है।