संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्री सनातन धर्म शिव मंदिर सभा की ओर से महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में रामलीला मैदान में आयोजित सांग उत्सव में कैथल जिले के सांगी मोहम्मद मीर और साथी कलाकारों ने फूल सिंह नाटक सांग का मंचन किया।
नाटक में बताया कि स्यालकोट के राजा गजे सिंह के बड़े बेटे का नाम भूप सिंह, छोटे बेटे का नाम फूल सिंह था। भूप सिंह शादीशुदा था और फूल सिंह अविवाहित था। एक दिन फूल सिंह के दोस्त की पत्नी सेठाणी उसकी भाभी को उसकी शादी का सुझाव देते हुए कहती है कि लक्ष्मी रूप बीर का हो सै घर भरवाणा चाहिए, आए कसर सै फूल सिंह का ब्याह करवाणा चाहिए। यह गाकर खूब तालिया बटोरी। उसकी भाभी फूल सिंह को नौटंकी से शादी करने का ताना मारती है।
फूल सिंह ये ताना सुन अपने दोस्त कुंदन मल के घर सारी बात बताता है। कुंदन मल की सेठानी उसकी आर्थिक मदद करती है और बताती है नौटंकी सर्वगुण संपन्न राजकुमारी है। ये सुन फूल सिंह मुल्तान शहर की ओर चल पड़ता है और संध्या होने पर बाग में ठहरने की सोचता है और कहता है कि चढ़या अलकस काया के मैह पुर्जा पुर्जा घेरा, न्यू सौची थी फूल सिंह नै कर बागा में डेरा। बाग की मालण से फूल कुमार कहता है कि उसे सुंदर हार बनाना आता है, फूल सिंह हार में बेशकीमती हीेरे जेवरात लगाकर देता है। मालण वह हार लेकर राजकुमारी के पास जाती है तो वह इस हार के बारे में पूछती है कि उसे ये हार कहा से मिला तो मालण झूठ बोलकर कहती है कि यह हार उसके भांजे की बहू ने बनाया है।
नौटंकी मालण को उसके भांजे की बहू को पेश करने के लिए कहती है। मालण फूल सिंह को जनाना वेश धारण करवा नौटंकी के पास ले जाती है। राजकुमारी भांजे की बहू के रूप और यौवन को देख प्रसन्न होती है और राजकुमारी उसको लेकर बाग में चली जाती है। जहां दोनाें झूला झूलते हैं और प्रेम गीत गाते हैं। राजकुमारी को उस पर शक हो जाता है वो उसे गिरफ्तार करवा देती है। नौटंकी के पिता राजा कर्ण पूछते है कि तुमने ऐसा क्यों किया तो फूल सिंह बताते हैं कि वे राजकुमारी से विवाह करना चाहता है। राजा कर्ण उसे कहते हैं कि उसे एक खतरनाक दानव से युद्ध करना होगा यदि वह दानव को मार देता है तो नौटंकी का विवाह उसके साथ कर देंगे। अगले दिन फूल सिंह लड़ाई में दानव को मार देता है राजा कर्ण अपनी राजकुमारी नौटंकी की शादी फूल सिंह से कर देता है।
फूल सिंह अपनी पत्नी नौटंकी को लेकर मुल्तान शहर आ जाता है। सांग में फूल सिंह का किरदार मोहम्मद मीर ने निभाया, नौटंकी का किरदार लाडू ने, सेठाणी का किरदार संदीप भिवानी ने, मालण का किरदार संजू ने और भूप सिंह का किरदार असगर भागल ने निभाया। सांग में पिंगली गांव के रतन सिंह ने सांग के संयोजक पाला राम पहलवान, सांगी मोहम्मद मीर और लाडू को विशेष रूप से सम्मानित किया।
संयोजक पालराम पहलवान और मदन मोहन शर्मा ने कहा कि एक मार्च को करनाल में शहर में विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसी उपलक्ष्य में रामलीला मैदान में 10 दिवसीय सांग उत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर गोपीनाथ शर्मा, धर्मपाल, रमेश जिंदल, बालकृष्ण शर्मा, राधेश्याम गोयल, जिले सिंह, श्याम कुमार शर्मा व पवन बंसल आदि मौजूद रहे।