आंगनबाड़ी वर्कर्स का महापड़ाव जारी है। शुक्रवार को वर्कर्स ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मांगों को लेकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि 82 दिन से हड़ताल पर हैं अभी तक सरकार उनकी वेतन बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों का समाधान नहीं निकाल पाई।
कमेटी की राज्य उपप्रधान रूपा राणा, प्रधान कृष्णा, सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी और सचिव जगपाल राणा ने कहा कि सरकार का यह दावा झूठा है कि वर्कर्स के मानदेय देने के मामले में हरियाणा दूसरे नंबर पर है। यह बयान तथ्यों से परे हैं। तालमेल कमेटी इसकी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा दूसरे पर नहीं पांचवें नंबर पर है। पांडिचेरी व तमिलनाडु में वर्कर्स व हेल्पर को कर्मचारी का दर्जा मिला है। पांडिचेरी में वर्कर्स व हेल्पर्स का मानदेय क्रमश: 19480 व 13330, तेलंगाना में 13650 व 7800, तमिलनाडु में 13453 व 7720, केरल में 13000 व 8750 (1000,500 घोषित) है। तालमेल कमेटी नेताओं ने कहा कि सरकार दावे कर रही है कि भाजपा सरकार आने के बाद वर्कर्स और हेल्पर्स का मानदेय दोगुना हो गया। जब भाजपा की सरकार बनी थी तब वर्कर्स का मानदेय 7500 रुपये और हेल्पर्स का 3500 था, अब यह 15000 और 7500 होना चाहिए। सरकार ने मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर ओपी माटा, सतपाल सैनी, धीरज सिंह रावत, प्रेम राणा, जगपाल राणा, रूपा राणा और बिजनेश राणा मौजूद रहे।