करनाल: स्टेट विजीलेंस द्वारा पकडे गए ब्लैक मास्क और स्माल बाँधे हुई दोनो आरोपी।
करनाल। हरियाणा सरकार की कन्या शगुन योजना के फार्म में पिता का नाम ठीक कराने की एवज में 4 हजार रुपये की रिश्वत के साथ स्टेट विजिलेंस टीम ने दो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया है। इनमें एक आरोपी जिला कल्याण विभाग का चपरासी और दूसरा दलाल है। विजिलेंस टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
स्टेट विजिलेंस के डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि सदर बाजार करनाल निवासी राकेश ने उन्हें शिकायत दी थी कि जिला कल्याण विभाग का कर्मचारी रोहताश उससे 4 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। उसने हरियाणा सरकार की योजना कन्या शगुन योजना के लिए आवेदन किया था। उस आवेदन में पिता का नाम गलत हो गया था। राकेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिता के नाम में हुई त्रुटि को ठीक करवाना था। लेकिन आरोपी कर्मचारी रोहताश ने उससे कहा कि बिना रुपये दिए यह नाम ठीक नहीं होगा। इसके लिए पांच हजार रुपये देनें होंगे। बाद में सौदा चार हजार रुपये में तय हो गया।
पीड़ित राकेश की शिकायत मिलते ही एएसआई राकेश, एएसआई सूबे सिंह, एएसआई रामकुमार की एक टीम का गठन कर ड्यूटी मजिस्ट्रेट रामकुमार नायब तहसीलदार निसिंग को साथ लेकर आरोपी द्वारा बताई हुई जगह पर छापा मारा गया। जहां पीड़ित राकेश से दलाल विक्की निवासी कुटेल ने 4 हजार रुपये लिए और इसके बाद वह 4 हजार रुपये दलाल ने जिला कल्याण विभाग के चपरासी रोहताश को दे दिए। इन दोनों आरोपियों को सदर बाजार के क्षेत्र में रंगे हाथों चार हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया। रविवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।